मेले में सरपंच पर हमला, दो गिरफ्तार, इधर 2 बच्चों से ज्यादा हुए तो नहीं लड़ सकते चुनाव, सपना पूरा करने पिता ने ले ली मासूम बेटी की जान

Sarpanch attacked at fair, two arrested, here if you have more than two children you cannot contest elections, father takes the life of innocent daughter to fulfill his dream

मेले में सरपंच पर हमला, दो गिरफ्तार, इधर 2 बच्चों से ज्यादा हुए तो नहीं लड़ सकते चुनाव, सपना पूरा करने पिता ने ले ली मासूम बेटी की जान

मेले में सरपंच पर हमला, दो गिरफ्तार

रायपुर : रायपुर जिले के विधानसभा थाना क्षेत्र में ग्राम टेकारी में आयोजित मढ़ई मेले के दौरान सरपंच चंद्रकांत वर्मा पर जानलेवा हमला होने का मामला सामने आया है. पुलिस ने इस मामले में दो मुख्य आरोपियों ईश्वर प्रसाद विश्वकर्मा उम्र 31 साल और मनीष विश्वकर्मा उम्र 28 साल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. जबकि मुख्य आरोपी गजेन्द्र वर्मा और अन्य तीन आरोपी अभी फरार हैं.
मिली जानकारी के मुताबिक 30 जनवरी 2026 की रात मढ़ई मेले के दौरान ग्राम टेकारी में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम का संचालन सरपंच चंद्रकांत वर्मा कर रहे थे. रात करीब 4:30 बजे कुछ युवकों ने जानबूझकर मंच के पास पहुंचकर कार्यक्रम में व्यवधान डालना शुरु कर दिया.
इस दौरान ईश्वर प्रसाद और मनीष विश्वकर्मा सहित अन्य आरोपियों ने सरपंच चंद्रकांत वर्मा के साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी. आरोपियों ने लोहे के रॉड, हाथ और पैरों से सरपंच पर हमला किया. मुख्य आरोपी गजेन्द्र वर्मा ने लोहे की मोटी रॉड से सरपंच के सिर पर गंभीर चोट पहुंचाई. घटना को देखते हुए कुछ स्थानीय ग्रामीण जैसे कामेश वर्मा, यशवंत धीवर और यशकांत वर्मा बीच-बचाव में आए और पीड़ित सरपंच को उनके चंगुल से बाहर निकाला. इसके बावजूद आरोपियों ने उन पर भी हाथ उठाया और गाली-गलौज जारी रखी.
पीड़ित सरपंच की रिपोर्ट पर पुलिस ने अप. क. 38/2026 दर्ज कर मामले की मामले की जांच शुरु की. जांच में धारा 109(1), 296, 115(2), 351(2), 191(3) भा.न्या.सं. अंतर्गत अपराध पाये गए. जांच में धारा 3(5) भा.न्या.सं. हटा दी गई. पुलिस ने ईश्वर प्रसाद और मनीष विश्वकर्मा को 3 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया.
गिरफ्तारी की खबर आरोपियों के परिजनों को दी गई. फरार आरोपियों की तलाश जारी है. सरपंच पर हमला और सांस्कृतिक कार्यक्रम में व्यवधान डालने की घटना ने इलाके में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने घटना को गंभीरता से लिया है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम बनाई है.
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2 बच्चों से ज्यादा हुए तो नहीं लड़ सकते चुनाव, सपना पूरा करने पिता ने ले ली मासूम बेटी की जान

नांदेड़ : महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले से एक ऐसी वीभत्स वारदात सामने आई है. जिसे जानकर किसी की भी रुह कांप जाएगी. नांदेड़ के केरुर गांव में विराट 28 साल का पांडुरंग रोंडमांगले 'विराट सलून' नाम से नाई की एक दुकान चलाता है. पांडुरंग का सपना था कि वह सरपंच का चुनाव लड़े. उसे इस जून 2026 के पंचायत चुनाव में यह मौका भी मिलने वाला था. लेकिन उसके सपनों के बीच महाराष्ट्र सरकार का एक नियम रोड़ा बन गया. जिसके लिए उसने ऐसा कदम उठा लिया जो किसी ने सोचा भी नहीं था.
दरअसल, जून में महाराष्ट्र के पंचायत चुनाव होने हैं. इन चुनाव में पांडुरंग भी सरपंच पद का उम्मीदवार बनना चाहता था. उसे लगता था कि वह जीत सकता है. लेकिन महाराष्ट्र पंचायती राज कानून के तहत उन्हें ही उम्मीदवार बनने की अनुमति है. जिनके दो से अधिक बच्चे न हों.
जुड़वां बच्चियों में से एक को मारने का किया प्लान
पांडुरंग के परिवार में पत्नी, एक बेटा और दो जुड़वा बेटियां थीं. ऐसे में वह चुनाव में प्रत्याशी नहीं बन सकता था. इसलिए उसने अपने दोस्त गणेश शिंदे की मदद से एक बच्ची से पीछा छुड़ाना चाहा. 6 साल की मासूम प्राची जुड़वां बच्चियों में से बड़ी थी. 
दोस्त से बातकी तो दोनों ने पहले सोचा कि प्राची को किसी को गोद दे दिया जाए. लेकिन इससे उनका काम नहीं बन सकता था. क्योंकि बच्ची का जन्म प्रमाण पत्र 6 साल पहले जारी किया गया था. इसके बाद दोनों ने सोचा कि सही तरीका यही है कि बच्ची की जान ले ली जाए और इसे एक हादसा दिखा दिया जाए. पांडुरंग अपनी बच्ची प्राची को गांव से कुछ किलोमीटर दूर घुमाने के लिए तेलंगाना के निजामाबाद जिले ले गया.
बाइक से बच्ची को घुमाने ले गया, नहर में दिया धक्का
वह बच्ची को बाइक से निजामाबाद के निजामसागर नहर लेकर पहुंचा. जो खेतों से घिरा हुआ है. यहां पांडुरंग ने कथित तौर पर बच्ची को पानी में धकेल दिया. और मौके से भाग गया. पास ही कुछ काम करने वाले लोगों ने नहर में कुछ गिरने की आवाज सुनी और भागकर नहर के पास गए. लेकिन तब तक बच्ची की जान जा चुकी थी. उसका शव नहर में तैर रहा था.
लोगों ने स्थानीय पुलिस को सूचित किया गया और शव बाहर निकाला गया. सोशल मीडिया, व्हॉट्सएप शेयर के बाद किसी ने महाराष्ट्र में प्राची को पहचान लिया और पुलिस को खबर दी. गांववालों ने तेलंगाना पुलिस को अलर्ट किया. पुलिस पहले से ही हत्या के एंगल से जांच कर रही थी. प्राची के घर तक पहुंचकर उसके पिता से पूछताछ की गई.
पहले पुलिस को चकमा देने की कोशिश की, बाद में पकड़ा गया
पुलिस के सामने पहले तो पांडुरंग ने दावा किया कि उसकी बच्ची का इलाज स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है. बाद में उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया और पुलिस को बता दिया कि उसी ने अपनी बच्ची को मारा है. आरोपी पिता पर हत्या और आपराधिक साजिश की धारा में मामला दर्ज किया गया है. इसके अलावा मौजूदा प्रधान पर भी साजिश में शामिल होने के आरोप में कार्रवाई की गई है. उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है.
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