जयन्ती नाचा कार्यक्रम की खुशियां मातम में बदली, युवक पर नशे की हालत में दो युवकों ने चाकू से किया जानलेवा हमला, दो नाबालिग गिरफ्तार

The joy of the Jayanti Nacha program turned into mourning, when two drunk youths attacked a young man with a knife, two minors were arrested.

जयन्ती नाचा कार्यक्रम की खुशियां मातम में बदली, युवक पर नशे की हालत में दो युवकों ने चाकू से किया जानलेवा हमला, दो नाबालिग गिरफ्तार

रायपुर : रायपुर के उरला थाना इलाके में आयोजित जयन्ती नाचा कार्यक्रम की खुशियां अचानक मातम में बदल गईं. जब एक नाबालिग युवक चाकूबाजी की भेंट चढ़ गया. रायपुर के उरला थाना इलाके में आयोजित जयन्ती नाचा कार्यक्रम की खुशियां अचानक मातम में बदल गईं. जब एक नाबालिग युवक चाकूबाजी की भेंट चढ़ गया. उरला थाना क्षेत्र के सतनाम चौक में आयोजित जयन्ती नाचा कार्यक्रम के दौरान नाचा देखने आए 18 साल के नितिल खत्रे (निवासी बेमेतरा) पर नशे की हालत में युवकों ने चाकू से हमला कर दिया. पुलिस ने दो नाबालिग आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
मिली जानकारी के मुताबिक उरला थाना क्षेत्र के सतनाम चौक में आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान नितिल खत्रे उम्र 18 साल निवासी बेमेतरा पर नशे की हालत में मौजूद दो युवकों ने चाकू से हमला कर दिया। हमला इतना भयानक था कि नितिल के गले और सीने पर गंभीर वार किए गए. घटना सुबह करीब 5:30 बजे हुई. स्थानीय लोगों ने फौरन डायल 112 पर खबर दी. घायल युवक को फौरन अस्पताल ले जाया गया. लेकिन गंभीर चोटों के चलते उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई. इस दर्दनाक घटना ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
उरला थाना प्रभारी रोहित मालेकर ने मौके पर पहुंचकर एफएसएल टीम के साथ मामले की जांच शुरु की. पुलिस ने सतनामी पारा से दो नाबालिग आरोपियों को हिरासत में लिया. जांच में आरोपियों ने जुर्म कबूल कर लिया है. इस कार्रवाई में सतेंद्र प्रधान और राम चंद्रा तिवारी की अहम भूमिका रही. वारदात के बाद उरला क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया. स्थानीय प्रशासन ने घटना के बाद इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी है और आसपास के सभी सार्वजनिक कार्यक्रमों की निगरानी बढ़ा दी है. पुलिस ने यह भी साफ किया कि आरोपी नाबालिग हैं इसलिए उन्हें बाल न्यायालय में पेश किया जाएगा.
सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल, प्रवेश द्वार पर निगरानी और शराब व हथियारों की रोकथाम जरुरी है. इस वारदात ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि जब सांस्कृतिक और पारंपरिक कार्यक्रमों में ही लोगों की जान खतरे में है. तो आम नागरिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है. स्थानीय निवासी भी इस घटना से सकते में हैं.
उन्होंने कहा कि नाचा और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम लोगों के लिए खुशियों का अवसर होते हैं. लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में चूक के कारण ऐसा हादसा हुआ है. प्रशासन को चाहिए कि आगे से ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं.
उरला पुलिस ने जनता से अपील किया है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की खबर फौरन पुलिस को दें. साथ ही आयोजकों को निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में किसी भी कार्यक्रम में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करें. यह घटना राजधानी रायपुर में सांस्कृतिक आयोजनों की सुरक्षा पर गंभीर चुनौती बनकर सामने आई है.
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