अतिक्रमण हटाने गई टीम लौटी खाली हाथ, ग्रामीणों में दिखा भारी आक्रोश, लगे गंभीर आरोप, 2 फरवरी को कलेक्ट्रेट घेराव की चेतावनी
The team that went to remove the encroachment returned empty-handed; villagers expressed great anger, leveled serious allegations, and warned of a gherao of the Collectorate on February 2.
आरंग : एक तरफ नवा रायपुर में जहां अतिक्रमण हटाने का ग्रामीण भारी विरोध कर रहे थे और हालात तनावपूर्ण थे. वहीं दूसरी तरफ अतिक्रमण नहीं हटाए जाने से ग्राम कुकरा के ग्रामीण प्रशासन की कार्रवाई से खासे नाराज दिखे। आरंग विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत कुकरा में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों को लेकर तनाव की हालात बन गए. ग्राम पंचायत द्वारा प्रस्ताव पारित किए जाने के एक साल बाद भी अतिक्रमण न हटाए जाने से ग्रामीणों का सब्र जवाब दे गया है. गुरुवार को नायब तहसीलदार नीलम ठाकुर के नेतृत्व में पहुंची टीम द्वारा बिना कार्रवाई किए वापस लौट जाने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है.
ग्राम कुकरा में शासकीय जमीनों पर करीब 38 अतिक्रमणकारियों ने अवैध निर्माण कर रखा है. इन अतिक्रमणों को हटाने के लिए ग्राम पंचायत कुकरा में एक साल पहले ही विधिवत प्रस्ताव पारित किया जा चुका है. इसके बावजूद राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन की सुस्ती की वजह अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है.
मंदिर हसौद तहसील से नायब तहसीलदार नीलम ठाकुर दल-बल के साथ अतिक्रमण हटाने कुकरा पहुंची थीं. लेकिन मौके पर पहुंचने के बाद प्रशासन ने ‘अनावेदक की गैरहाजिरी का हवाला देते हुए हाथ पीछे खींच लिए. टीम बिना किसी कार्रवाई और ग्रामीणों को बिना कोई ठोस आश्वासन दिए वापस लौट गई.
प्रशासन के इस ढुलमुल रवैये पर ग्रामीणों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासनिक उदासीनता की वजह से अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं. राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली संदिग्ध है और कार्रवाई जानबूझकर टाली जा रही है. मौके पर अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुनने के बजाय वहां से जाना बेहतर समझा.
कार्रवाई नहीं होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है. ग्रामीणों ने घोषणा किया कि अगर जल्द ही अवैध निर्माणों पर बुलडोजर नहीं चला तो 2 फरवरी को बड़ी तादाद में ग्रामीण जिला कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे.
ग्राम पंचायत कुकरा के सरपंच नंदलाल डहरिया ने बताया कि एक साल से प्रस्ताव धूल फांक रहा है. जब टीम आई तो बिना कार्रवाई के लौट गई. यह सीधे तौर पर प्रशासनिक नाकामी है. करीब एक साल से प्रशासन अतिक्रमण हो हटाने में नाकाम है. अगर प्रशासन जल्द ही अतिक्रमण को नहीं हटाती है ग्रामीण रायपुर कलेक्टर का घेराव करेगी.
वही इस पूरे मामले पर मंदिरहसौद तहसीलदार विनोद साहू ने बताया कि ग्राम पंचायत की शिकायत में 13 अतिक्रमणकारियों के नाम है लेकिन जांच में करीब 38 अतिक्रमणकारियों के नाम सामने आए है. ग्रामीण 13 अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं. जबकि बाकी का विरोध कर रहे हैं. इसीलिए ऐसे हालार बने हैं. आज जब नायब तहसीलदार नीलम ठाकुर मौके पर पहुंची तो अनावेदक गैरहाजिर थे. ऐसे में कार्रवाई संभव नहीं थी. प्रशासन जल्द ही सभी अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई करेगी.
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नवा रायपुर में बुलडोजर राज, मंत्री विदेश में और थाने में जनता
नवा रायपुर/नवागांव : नवा रायपुर प्रभावित क्षेत्र में शासन-प्रशासन एवं NRDA द्वारा संयुक्त रुप से की गई कार्रवाई को लेकर भारी आक्रोश देखा गया. ग्राम पंचायत नवागांव सेक्टर-28 के 17 मकान और खपरी सेक्टर-30 के 8 मकानों में निवासरत परिवारों को बिना पूर्व सूचना, बिना पुनर्वास और बिना वैकल्पिक व्यवस्था के जबरन कार्रवाई का सामना करना पड़ा.
मिली जानकारी के मुताबिक खपरी मे 4 मकान जिसमे से एक मकान को बिना कोई नोटिस के ( प्रधानमंत्री आवास ) को तोड़ दिया. जिसके हितग्राही को आखरी किस्त नहीं मिला है. प्रभावित परिवारों को अपना राशन, कपड़े, बर्तन, कंबल और अन्य आवश्यक सामग्री निकालने तक का मौका नहीं दिया गया.
आरोप है कि प्रशासन ने बर्बरता और तानाशाही रवैया अपनाते हुए एकतरफा कार्रवाई की. पीड़ितों द्वारा समय मांगे जाने और आवाज उठाने पर पुलिस ने कई लोगों को पकड़कर जबरन वाहन में बैठाया और थाना माना कैम्प और थाना राखी नवा रायपुर में बैठा दिया.
स्थानीय जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि न तो कोई पुनर्वास योजना है, न विस्थापन की कोई स्पष्ट व्यवस्था। शासन-प्रशासन व NRDA पर यह भी आरोप लगाया गया कि नवा रायपुर प्रभावित परिवारों की जमीन कम कीमत में खरीदने, पुनर्वास से वंचित रखने और जमीन निजी कंपनियों को बेचने की साजिश रची जा रही है.
बताया गया कि इस बारे में स्थानीय मंत्री गुरु खुशवंत साहेब से संपर्क करने पर जानकारी मिली कि वे विदेश प्रवास पर हैं. वहीं मंत्री ओ.पी. चौधरी का फोन बंद मिला. जिससे पीड़ितों की समस्या और गहरी हो गई.
थाना माना कैम्प में जिन प्रमुख लोगों को बैठाया गया. जिनमे प्रमुख रुप से रायपुर जिला पंचायत सदस्य भीनु धिदौड़े प्रतिनिधि सुजीत धिदौड़े के अलावा रुपन चन्द्राकार (अध्यक्ष), कामता प्रसाद रात्रे (सचिव), ललित यादव (सरपंच कोटराभाठा),गोलू वीरेन्द्र हिरवानी (जनपद सदस्य), धर्मेन्द्र पटेल (सरपंच नवागांव खपरी), फूलेश बारले, गिरधर पटेल (प्रवक्ता), भागीरथी साहु, राम खिलावन बंजारे, छबिलाल घिदौंड़े, रामजी घिदौंड़े, कीर्तिवान टण्डन, द्वारिका निषाद, किशोर यादव, रामेश्वर घिदौंड़े, राजू डहरिया, देवेन्द्र हिरवानी, होमेश टण्डन, छोटू टण्डन, फिरोज टण्डन, महेन्द्र सिंह, अरूण सेन, अनिल टण्डन, संजू कुर्रे, अजय कुमार भारद्वाज सहित अन्य लोग शामिल हैं.
वहीं महिलाओं को थाना राखी में रखा गया है. घटना के बाद नवा रायपुर प्रभावित क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है. और पीड़ित परिवारों ने इंसाफ और पुनर्वास की मांग तेज कर दी है.
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