पीएम समृद्धि योजना के नाम पर मेडिकल व्यापारी से 73 लाख की ठगी, फर्जी सिम-खाते का इस्तेमाल, अंतर्राज्यीय गिरोह के दो आरोपी गिरफ्तार

Two members of an interstate gang arrested for allegedly duping a medical practitioner of Rs 73 lakh under the PM Samriddhi Yojana scheme using fake SIM cards and accounts.

पीएम समृद्धि योजना के नाम पर मेडिकल व्यापारी से 73 लाख की ठगी, फर्जी सिम-खाते का इस्तेमाल, अंतर्राज्यीय गिरोह के दो आरोपी गिरफ्तार

बिलासपुर : बिलासपुर रेंज साइबर थाना ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है. ऑनलाइन वित्तीय ठगी के मामले में अंतर्राज्यीय गिरोह के दो ठगों को गिरफ्तार किया गया है. जिन्होंने पीएम समृद्धि योजना के नाम पर एक मेडिकल व्यापारी से 73 लाख रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी की थी.
डॉ. संजीव शुक्ला, पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के मार्गदर्शन में साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है. इसी कड़ी में रेंज साइबर थाना की टीम को एक बड़े ऑनलाइन फ्रॉड मामले में अहम कामयाबी मिली है.
थाना सकरी क्षेत्र के मेडिकल व्यवसायी राजेश पाण्डेय से आरोपियों ने पीएम समृद्धि योजना के तहत कम ब्याज पर 50 लाख रुपये का लोन दिलाने और 30% की छूट देने का झांसा दिया. अलग-अलग मोबाइल नंबरों से खुद को ‘श्रीनाम सिटी यूनियन फाइनेंस लिमिटेड, मुंबई’ का अधिकारी बताकर फरवरी 2024 से सितंबर 2025 तक लगातार कॉल करते रहे और कुल 73,23,291 रुपये की ठगी कर ली.
शिकायत दर्ज होने के बाद साइबर थाना ने बैंक खातों, कॉल डिटेल्स, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और तकनीकी इनपुट्स के आधार पर जांच शुरु की. जांच के दौरान यह सामने आया कि ठगी की रकम फर्जी बैंक खातों में जमा की गई थी और कॉल करने के लिए फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल किया जा रहा था.
तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस की विशेष टीम बिहार के वैशाली जिले पहुंची। वहां दो दिनों की लगातार खोजबीन के बाद आरोपी विकास कुमार उर्फ विक्रम सिंह (उम्र 28 साल) अमन कुमार सिंह उर्फ पियूष को गिरफ्तार कर लिया गया.
पूछताछ में दोनों ने कबूल किया कि वे दिल्ली में किराए के मकान में रहकर अपने साथियों के साथ लोगों को सरकारी योजनाओं में छूट और कम ब्याज में लोन दिलाने का झांसा देकर ठगी करते थे. ये लोग फर्जी बैंक खातों और फर्जी सिम का नेटवर्क बनाकर लाखों रुपये निकाल लेते थे. मामले में आरोपियों के खिलाफ धारा 318(4), 111(4) बीएनएस और 66(D) आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस गिरोह में कितने और लोग शामिल हैं और ठगी की रकम का कितना हिस्सा कहां-कहां गया.
रेंज साइबर थाना का कहना है कि ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में शिकायत मिलते ही हर संभव तकनीकी और कानूनी कार्रवाई की जाएगी. लोगों से अपील की गई है कि किसी भी सरकारी योजना, लोन या ऑफर के नाम पर आए कॉल पर विश्वास न करें और जांच-पड़ताल के बाद ही आर्थिक लेनदेन करें.
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