घूसखोरी और राजनीतिक दबाव में दबा केस? महिला का फूट पड़ा गुस्सा, लेनदेन का आडियो वायरल होने के बाद मचा हडकंप, उप निरीक्षक अजय सिंह सस्पेंड
Was the case suppressed due to bribery and political pressure? The woman's anger erupted, and an audio recording of the transaction went viral, sparking a commotion. Sub-Inspector Ajay Singh has been suspended.
गरियाबंद : गरियाबंद जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए एक बड़ा मामला सामने आया है. जहां एक महिला ने सिटी कोतवाली थाना पुलिस पर पक्षपात और राजनीतिक दबाव में काम करने का गंभीर आरोप लगाया. घटना के सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल बन गया और लोग निष्पक्ष जांच की मांग की. जिसके बाद एक वायरल ऑडियो ने पुलिस विभाग में हड़कंप मचा दिया. आख़िरकार कोतवाली गरियाबंद में पदस्थ उप निरीक्षक अजय सिंह को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया.
मिली जानकारी के मुताबिक गरियाबंद में सामने आए मामले में पीड़िता का आरोप है कि पुलिस ने जानबूझकर FIR दर्ज नहीं की और राजनीतिक दबाव में आरोपियों को संरक्षण दिया. इस घटना ने पुलिस की निष्पक्षता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है.
पीड़िता के मुताबिक ग्राम बारूला में होली के दिन 4 मार्च 2026 को उनके ऊपर जानबूझकर हमला किया गया था. लेकिन इस घटना के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. महिला का आरोप है कि यह पूरा मामला इसलिए दबा दिया गया क्योंकि हमलावर राजनीतिक प्रभाव वाले लोग हैं.
महिला ने जिन लोगों पर आरोप लगाए हैं. उनमें सोहन ध्रुव, जो जनपद अध्यक्ष हैं. और प्रवीण यादव पूर्व जनपद उपाध्यक्ष रह चुके हैं. शामिल हैं. पीड़िता का कहना है कि इन जनप्रतिनिधियों के असर की वजह से पुलिस ने आरोपियों को बचाने का प्रयास किया.
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारियों ने केस दर्ज करने के बदले 20,000 रुपये की रिश्वत मांगी. इसमें पहले 10,000 रुपये और बाद में 10,000 रुपये की मांग की गई. इस आरोप के समर्थन में कॉल रिकॉर्डिंग और मेडिकल रिपोर्ट होने का भी दावा किया गया. महिला ने एसआई अजय सिंह ठाकुर और अन्य पुलिस अधिकारियों पर सीधे तौर पर घूस मांगने का आरोप लगाया. उनका कहना है कि जब उन्होंने इंसाफ की मांग की. तो उनसे पैसे की मांग की गई. पीड़िता का दावा है कि उनके पास इस मामले से जुड़े कॉल रिकॉर्डिंग और मेडिकल रिपोर्ट जैसे सबूत भी मौजूद हैं. जो आरोपों को मजबूत बनाते हैं.
जैसे ही लेनदेन का कथित आडियो वायरल हुआ. प्रशासन में हडकंप मच गया. सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे इस ऑडियो में एक पुलिस अधिकारी द्वारा पैसे के लेन-देन से जुड़ी बातचीत सामने आई. प्रथम दृष्टया जांच में ऑडियो में सुनाई दे रही आवाज कोतवाली गरियाबंद में पदस्थ उप निरीक्षक अजय सिंह की बताई जा रही है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक गरियाबंद ने तुरंत संज्ञान लिया.
जांच के दौरान उप निरीक्षक अजय सिंह के आचरण में संदिग्ध गतिविधियां, स्वेच्छाचारिता एवं अनुशासनहीनता पाई गई. पुलिस जैसे अनुशासित विभाग में इस प्रकार के व्यवहार को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अजय सिंह को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है. फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी.
इस पूरे मामले को लेकर महिला ने पुलिस अधीक्षक से सीबीआई जांच की मांग की. ताकि राजनीतिक दबाव के बावजूद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके. वहीं, इस घटना के सामने आने के बाद जिले में लोगों का आक्रोश बढ़ता गया. और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई. इस तरह गरियाबंद में सामने आया मामला पुलिस की कार्यशैली और राजनीतिक दबाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है.
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