खाद की किल्लत को लेकर 19 अगस्त को मैनपुर में चक्काजाम के चेतावनी देने के बाद देर रात पहुंच गया खाद भरा ट्रक
After warning of blockade in Mainpur on August 19 due to shortage of fertilizer, a truck full of fertilizer arrived late at night
गरियाबंद : गरियाबंद जिले के आदिवासी विकासखण्ड मैनपुर क्षेत्र के किसान इन दिनों खाद की किल्लत से बेहद परेशान हो गए हैं. सहकारी सोसायटियो में पिछले 20 दिनों से खाद नहीं होने की वजह से किसान मजबूरी में खुले बाजारो से उंचे दामों पर खाद खरीदने मजबुर हो रहे हैं. इस समस्या को लेकर क्षेत्र के किसान संघर्ष समिति द्वारा 12 अगस्त एवं 16 अगस्त को दो बार तहसील मुख्यालय मैनपुर नगर में बैठक आयोजित किया गया. बैठक में सैकड़ों की तादाद में क्षेत्र भर के किसान शामिल हुए. जहां किसानों ने खाद की समस्या को लेकर 19 अगस्त को मैनपुर नेशनल हाईवे लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह के सामने सुबह 10 बजे से चक्काजाम करने की चेतावनी दी.
साथ ही इस बारे में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मैनपुर कार्यालय पहुंचकर गरियाबंद कलेक्टर के नाम ज्ञापन भी सौंपा. सोमवार सप्ताहिक बाजार के दिन किसान संघर्ष समिति मैनपुर द्वारा वाहन में बकायदा स्पीकर लगाकर गांव गांव 19 अगस्त को चक्काजाम की मुनादी भी किया गया. किसान संघर्ष समिति द्वारा चक्काजाम को लेकर पूरी तैयारी की जा चुकी है.
वही दूसरी तरफ चक्काजाम की चेतावनी के बाद प्रशासन द्वारा अब किसानो को मनाने के लिए भरसक प्रयास किया जा रहा है. किसान नेताओ से चर्चा कर उन्हे आश्वासन दिया जा रहा है कि रात तक क्षेत्र के सहकारी सोसायटियों में खाद पहुंच जाएगी. चक्काजाम आंदोलन को स्थगित किया जाए.
किसान संघर्ष समिति मैनपुर के अध्यक्ष टीकम सिंह कपिल, किसान नेता खेदु नेगी, प्रेमसाय जगत, सियाराम ठाकुर, छबि दीवान, रामकृष्ण ध्रुव, एलियाल बाघमार, गेंदु यादव, बलिराम ने बताया इस साल क्षेत्र के किसान बेहद परेशान हो गए. जिसके कारण मजबुरन चक्काजाम करने किसान मजबुर हो रहे हैं.
किसान नेताओ ने बताया कि पहले तो बीज नही मिला. जिसके कारण किसानो को खुले बाजार से और ओड़िशा से धान और मक्का का बीज लाकर बोआई करना पड़ा है. अब जब किसानो को खाद की बेहद जरुरत है. पिछले एक महीने से मैनपुर, शोभा, बम्हनीझोला, गोहरापदर पूरे विकासखण्ड क्षेत्र के सहकारी सोसायटियो में खाद नहीं है. किसान यूरिया, डीएपी खाद के लिए परेशान हो रहे हैं, रोजाना किसान सहकारी सोसायटी जा रहे हैं. लेकिन उन्हे खाली हाथ लौटना पड़ रहा है. बीच में बहुत कम मात्रा में खाद पहुंचा था. उसके बाद से सहकारी सोसायटियो से खाद गायब हो गया है.
किसान नेताओं ने कहा खेती किसानी के दिन में हमें कोई आंदोलन करने का शौक नहीं है. हमारे पास समय ही नहीं है. लेकिन जब सरकार किसानों को खाद उपलब्ध नहीं करा पा रही है. तब मजबुरन किसान चक्काजाम करने को मजबूर हो रहे हैं.
किसानों के आंदोलन की चेतावनी के बाद देर रात खाद मैनपुर में पहुंचा. किसानो के द्वारा 19 अगस्त को चक्काजाम की चेतावनी देने के बाद मैनपुर में खाद से भरा ट्रक पहुंचा और किसानों को आंदोलन स्थगित करने के लिए प्रशासन के स्थानीय अफसर मनाने के लिए लगे हुए हैं.
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