भारतमाला परियोजना मुआवजा घोटाला: गिरफ्तार 3 पटवारियों के खिलाफ प्रथम पूरक चालान पेश, दलालों के साथ मिलकर 40 करोड़ का लगाया चूना
Bharatmala Project Compensation Scam: First supplementary challan filed against 3 arrested Patwaris, who colluded with brokers to defraud them of Rs 40 crore
रायपुर : EOW/ACB ने भारतमाला परियोजना मुआवजा घोटाले का पहला पूरक चालान पेश कर दिया है. इसमें आरोपियों की वजह से सरकार को 40 करोड़ के नुकसान का खुलासा किया गया है. इसमें तीन पटवारियों दिनेश पटेल, लेखराम देवांगन और बसंती धृतलहरे के नाम का उल्लेख किया गया है.
जांच एजेंसी ने दिनेश पटेल, लेखराम देवांगन और बसंती घृतलहरे को 29 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार किया था. इनके खिलाफ 24 जनवरी 2026 को विशेष न्यायालय (भ्र.नि.अ.), रायपुर में प्रथम पूरक चालान पेश किए जा रहे मामलों में कुल 40 करोड़ की आर्थिक क्षति प्रथम दृष्टया परिलक्षित है. मामले में अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच लगातार जारी है.
जांच एजेंसी ने बताया कि मुआवजा लेले व्यक्ति-अन्य व्यक्तियों द्वारा आपराधिक षड्यंत्र कर भारतमाला परियोजना रायपुर-विशाखापट्टनम प्रस्तावित इकोनॉमिक कॉरिडोर के भू-अर्जन प्रकरण में शासन द्वारा अर्जित भूमि को फिर शासन को बेचकर मुआवजा देने, प्राइवेट जमीन के गलत मुआवजा देने, बैकडेट में बटवारा और नामांतरण करने, भूमि स्वामी के बदले किसी दुसरे को मुआवजा देने और प्राइवेट जमीन के गलत मुआवजा और उसके टुकड़े कर उपखंडों में विभाजित कर शासन को नुकसान पहुंचाने के आरोप हैं.
जांच में यह भी सामने आया कि दिनेश पटेल (तत्कालीन पटवारी, हल्का नं. 49, ग्राम नायकबांधा), लेखराम देवांगन (तत्कालीन पटवारी, ग्राम टोकरो, हल्का नं. 24) और बसंती घृतलहरे (तत्कालीन पटवारी, ग्राम भेलवाडीह) द्वारा लोकसेवक पद पर रहते हुए पद का दुरुपयोग कर भूमाफियों/प्राइवेट व्यक्तियों से षड्यंत्र भारतमाला परियोजना में प्रभावित होने वाली जमीन के भूमि स्वामियों का बैकडेट में खाता विभाजन (बटवारा) और नामांतरण का कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के आरोप में 29 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था.
अभियुक्त दिनेश पटेल की भूमिका- जांच से प्रथम दृष्ट्या यह साफ है कि अभियुक्त दिनेश पटेल, तत्कालीन पटवारी (हल्का नं. 49, ग्राम नायकबांधा) ने खाता दुरुस्ती/प्रपत्र-10/आपत्ति निराकरण आदि के जरिए प्रक्रिया में पद का दुरुपयोग किया. अवार्ड के समय अधिग्रहीत भूमि को कृत्रिम उपखण्डों में विभाजित्त दर्शाकर ज्यादा मुआवजा भुगतान की स्थिति बनाई गई. फलस्वरुप शासन को ₹30, 82,14,868/- की आर्थिक क्षति प्रथम दृष्टया परिलक्षित है.
अभियुक्त लेखराम देवांगन की भूमिका- जांच से प्रथम दृष्टया यह साफ है कि अभियुक्त लेखराम देवांगन, तत्कालीन पटवारी (ग्राम टोकरो, हल्का नं. 24) ने खाता दुरुस्ती/प्रपत्र-10/भुगतान प्रतिवेदन आदि के जरिए प्रक्रिया में पद का दुरुपयोग किया. अवार्ड के समय “मूल खसरों” को कृत्रिम उपखण्डों में दर्शाकर वास्तविक देय राशि की तुलना में अत्यधिक मुआवजा भुगतान कराया गया. फलस्वरूप शासन को ₹7,16,26,925/- का नुकसान हुआ है.
अभियुक्त बसंती घृतलहरे की भूमिका- जांच से प्रथम दृष्टया यह साफ है कि अभियुक्त बसंती घृतलहरे, तत्कालीन पटवारी (ग्राम भेलवाडीह) ने “मूल खसरों को अवार्ड चरण में कृत्रिम उपखण्डों में विभाजित दर्शाकर ज्यादा मुआवजा भुगतान की स्थिति बनाई. जिसकी वजह से शासन को ₹1, 67,47,464/- का नुक्सान हुआ है.
इन मामलों में गिरफ्तार 3 लोकसेवकों के खिलाफ 24 जनवरी 2026 को विशेष न्यायालय (भ्र.नि.अ.), रायपुर में प्रथम पूरक चालान पेश किया गया है. मामले में अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच लगातार जारी है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LNzck3m4z7w0Qys8cbPFkB



