महादेव घाट के कार्तिक पुन्नी मेला में शामिल हुए सीएम साय, त्रिवेणी संगम में लगा भक्तों का तांता, श्रद्धालुओं ने कुलेश्वर महादेव, राजीव लोचन का किया दर्शन
CM Sai participated in Kartik Punni Fair of Mahadev Ghat devotees gathered in Triveni Sangam devotees visited Kuleshwar Mahadev Rajeev Lochan
महादेव घाट के कार्तिक पुन्नी मेला में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर राजधानी रायपुर के पवित्र खारुन नदी के तट महादेव घाट पहुंचकर श्री हाटकेश्वर महादेव और मां काली के दर्शन किया. उन्होंने श्री हाटकेश्वर महादेव और मां काली की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों के खुशहाली की कामना की. मुख्यमंत्री साय ने पवित्र महादेव घाट में कार्तिक स्नान के लिये जुटे श्रद्धालुओं का अभिवादन कर सभी को कार्तिक पूर्णिमा की शुभकामनायें दी.
स अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विधायक मोतीलाल साहू सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर महादेव घाट में आयोजित होने वाला पुन्नी मेला बहुत लोकप्रिय है. दूर-दूर से लोग इसमें बड़ी श्रद्धा के साथ हिस्सा लेने आते हैं. हमारी सांस्कृतिक, धार्मिक परंपरायें ना केवल हमारी आस्था को मजबूत करती हैं अपितु हमारे जीवन में उल्लास भी भरती हैं.
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राजिम : कार्तिक पुर्णिमा के मौके पर प्रदेश के प्रयागराज कहे जाने वाले राजिम के त्रिवेणी संगम में सुबह से ही भक्तों का मेला लगा. श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में तड़के डुबकी लगाकर स्नान करके नदी में दीप दान किया. दीप दान के बाद त्रिवेणी संगम के बीचों बीच स्थित कुलेश्वर महादेव की पूजा अर्चना कर भगवान राजीव लोचन पहुंचे.
नदी के तट पर सुबह से ही मेला का माहौल बन गया. दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालु पूजा अर्चना के बाद वही खाना बनाया और शाम को लगने वाले नदिया मेला का आनंद लेकर वापस लौटे. फरवरी में होने वाले माघी पुन्नी मेला जिसे कल्प कुंभ भी कहा जाता है उसके पहले आज का यह कार्तिक पुर्णिमा का दूसरा सबसे बड़ा मेला होता है.
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श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर किया दीपदान, पिकनिक स्पॉट रहे गुलजार
तिल्दा-नेवरा : कार्तिक पूर्णिमा के साथ प्रदेश में मेला-मड़ई संस्कृति की शुरुआत हो गई. कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर शुक्रवार को जगह-जगह पारंपरिक पुन्नी मेला का आयोजन किया गया. अब छत्तीसगढ़ के मंदिर देवालय, पवित्र नदी तटों और पर्यटन स्थलों में मेला-मड़ई लगना शुरु हो जाएगा. दीपावली से मड़ई और कार्तिक पूर्णिमा से मेला की शुरुआत होती है. जो महाशिवरात्रि तक चलती है. कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर क्षेत्र में कई जगहों पर मेला लगा. जहां पर्यटक पिकनिक भी मनाते नजर आए.
पुराने समय से ही यहां पूरे एक महीनें तक कार्तिक नहानें की परंपरा है. जो शरद पूर्णिमा के दिन से शुरु होकर कार्तिक पूर्णिमा के दिन खत्म होता है. इसी वजह से इनके समापन के मौके पर इस दिन लोग सामूहिक रुप से पिकनिक मनाते हुए इस दिन को यादगार बनाते हैं. और सामाजिक समरसता का संदेश देतें है. हर साल की तरह इस साल भी कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर जगह-जगह ऐतिहासिक कार्तिक पुन्नी मेला का आयोजन किया गया.
क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थल सोमनाथ धाम लखना, मां बंजारी धाम खपरी मढ़ी, खल्लारी मंदिर अड़सेना और बोहरही धाम पथरी आदि जगह सुबह से ही पर्यटकों से गुलजार रहा. दूर-दूर से सपरिवार पहुंचे श्रद्वालुओं ने सुबह के समय पुण्य स्नान कर आस्था की डूबकी लगाई. और दीपदान कर स्थानीय मंदिरों में जलाभिषेक और पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की.
प्रसिद्ध सोमनाथ धाम में खारून और शिवनाथ नदी के संगम स्थल पर पर्यटक नौकाविहार का भी आनंद उठाए। क्षेत्र के नदी तट, कोल्हान नाला तट, बरौण्डा-अड़सेना बाँध, बंगोली डैम सहित अन्य कई छोटे-बड़े पिकनिक स्पॉट पर भी लोग पिकनिक मनाते नजर आए.
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