CMHO पर महिला कर्मचारी से छेड़छाड़ के गंभीर आरोप, बोली- किचन में करता डबल मीनिंग बातें!, विभाग में मचा हड़कंप, जांच के आदेश जारी

CMHO accused of molesting a female employee, who said, "He makes double-meaning statements in the kitchen!", causing a stir in the department, and orders for an investigation have been issued.

CMHO पर महिला कर्मचारी से छेड़छाड़ के गंभीर आरोप, बोली- किचन में करता डबल मीनिंग बातें!, विभाग में मचा हड़कंप, जांच के आदेश जारी

सुकमा : सुकमा जिले के स्वास्थ्य विभाग में उस वक्त हड़कंप मच गया जब मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) आर.के. सिंह पर आदिवासी महिला चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए. मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है. पीड़िता ने पूरे मामले की लिखित शिकायत कलेक्टर सुकमा को सौंपते हुए न्याय की गुहार लगाई है.
कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने सीएमएचओ आरके सिंह के खिलाफ जांच बैठा दी है. और जांच टीम ने पीड़ित महिला कर्मचारी के बयान दर्ज कर दिए है. प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
उधर पूर्व विधायक मनीष कुंजाम ने आरोपों को गंभीर बताते हुए एफआईआर दर्ज करने की बात कही और कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है. साथ ही सीएमएचओ ने खुद पर लगे आरोपों को निराधार बताया है और जांच में सब कुछ साफ होने की बात कही.
मिली जानकारी के मुताबिक पीड़िता ने बताया कि वह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र किस्टाराम में पदस्थ थी. लेकिन 21 अगस्त को अचानक उसका ट्रांसफर सीधे सीएमएचओ कार्यालय कर दिया गया. स्थिति तब और संदिग्ध हुई जब कार्यालय के बजाय उसे सीएमएचओ के घर पर भोजन बनाने की ड्यूटी दे दी गई. पीड़िता के मुताबिक खाना बनाते समय अकेला पाकर सीएमएचओ उसे पकड़ते थे. गले लगाते और डबल मीनिंग बातें करते थे. इसका विरोध करने पर भी वे अपने पद का दबाव बनाते रहे. 
जब उसने इसका विरोध किया तो पद और नौकरी का दबाव बनाकर उसे चुप रहने के लिए मजबूर किया गया. लगातार मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर आखिरकार उसने शिकायत करने का फैसला किया. यह खुलासा स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त मनमानी और संवेदनशील कर्मचारियों के शोषण को उजागर करता है.
पूर्व विधायक और आदिवासी नेता मनीष कुंजाम ने घटना की निंदा करते हुए कहा यह सीधा पद का दुरुपयोग है. एक आदिवासी महिला कर्मचारी के साथ वरिष्ठ अधिकारी द्वारा छेड़छाड़ किया जाना घोर अपराध है. और क्षमा योग्य नहीं है. आरोपी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज हो. कुंजाम ने सवाल उठाया कि स्वास्थ्य विभाग जैसे संवेदनशील दायित्व वाले विभाग में महिला सुरक्षा की स्थिति यदि ऐसी है. तो ग्रामीणों को कौन न्याय दिलाएगा? 
फिलहाल जांच जारी है और पूरे जिले की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं.
CMHO ने कहा—आरोप निराधार
हमारी तरफ से किसी को भी छेड़छाड़ नहीं की गई. शिकायत निराधार है. उसके बावजूद जांच चल रही है. जिसमें सब कुछ साफ हो जाऐगा. -आरके सिंह सीएमएचओ
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