देश में जनगणना शुरू, पूछे जाएंगे 33 सवाल, देनी होंगी ये डिटेल, गलत जानकारी देने पर लगेगा इतना जुर्माना, लिव-इन कपल्स को शादीशुदा मानने का प्रावधान

Census begins nationwide, 33 questions will be asked, details will be provided, false information will attract a substantial fine, and live-in couples will be considered married.

देश में जनगणना शुरू, पूछे जाएंगे 33 सवाल, देनी होंगी ये डिटेल, गलत जानकारी देने पर लगेगा इतना जुर्माना, लिव-इन कपल्स को शादीशुदा मानने का प्रावधान

भारत में 1 अप्रैल यानी बुधवार से जनगणना का पहला चरण शुरू हो गया है. अगर कोई व्यक्ति गलत जानकारी देता है या सहयोग नहीं करता, तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है. पहले चरण में मकानों की स्थिति और परिवार की जानकारी ली जाएगी. साथ ही इससे संबंधित सवाल पूछे जाएंगे. सरकार ने सोमवार को 33 प्रश्न जारी कर दिए हैं, जिनकी लिस्ट नीचे दी जा रही है.
यह प्रक्रिया 1 अप्रैल से शुरू होकर 30 सितंबर तक जारी रहेगी.
नागरिक अपने संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में गृह गणना शुरु होने से पहले 15 दिनों की अवधि के दौरान 16 भाषाओं में स्व-गणना (Self-Enumeration) के जरिए जानकारी दे सकते हैं. जनगणना में पहली बार स्व-गणना की व्यवस्था शुरू की गई है.
पूछे जाएंगे ये 33 सवाल (Census 2027 Questions)
मकान से जुड़े सवाल

1. भवन नंबर
2. जनगणना मकान नंबर
3. फर्श किस चीज का बना है
4. दीवार किस चीज की बनी है
5. छत किस चीज की बनी है
6. मकान का उपयोग (रहने, दुकान आदि)
7. मकान की हालत कैसी है

परिवार से जुड़े सवाल
8. घर का नंबर (परिवार के लिए)
9. कुल कितने लोग रहते हैं
10. परिवार के मुखिया का नाम
11. मुखिया का लिंग (पुरुष / महिला / थर्ड जेंडर)
12. मुखिया किस वर्ग से है (SC/ST/अन्य)
13. मकान अपना है या किराए का
14. परिवार के पास रहने के लिए कमरों की संख्या
15. कितने शादीशुदा जोड़े हैं

सुविधा से जुड़े सवाल
16. पीने का पानी कहां से आता है
17. पानी की सुविधा घर में है या बाहर
18. बिजली/रोशनी का मुख्य साधन
19. शौचालय है या नहीं
20. शौचालय का प्रकार
21. गंदे पानी की निकासी कैसे होती है
22. नहाने की जगह है या नहीं
23. रसोई है या नहीं, LPG/PNG है या नहीं
24. खाना पकाने का मुख्य ईंधन

डिजिटल और सामान से जुड़े सवाल
25. रेडियो/ट्रांजिस्टर है या नहीं
26. टीवी है या नहीं
27. इंटरनेट सुविधा है या नहीं
28. लैपटॉप/कंप्यूटर है या नहीं
29. मोबाइल/फोन है या नहीं

वाहन और अन्य जानकारी
30. साइकिल/स्कूटर/बाइक है या नहीं
31. कार/जीप/वैन है या नहीं
32. परिवार कौन सा अनाज ज्यादा खाता है
33. मोबाइल नंबर (सिर्फ जनगणना के लिए)

ऐसे दे सकते हैं जानकारियां
स्व-गणना करने के लिए, परिवार का मुखिया या कोई भी सदस्य आधिकारिक पोर्टल पर मोबाइल नंबर और अन्य बुनियादी विवरणों का उपयोग कर पंजीकरण कर सकता है. जिले का चयन कर सकता है. मानचित्र पर घर का स्थान चिह्नित कर सकता है और अपनी सुविधानुसार जानकारी जमा कर सकता है.
उन्होंने कहा कि 16 अंकों की एक आईडी जनरेट की जाएगी. जिसे सत्यापन के लिए फील्ड विजिट के दौरान गणनाकर्ता के साथ साझा करना जरुरी होगा. व्यक्तिगत डेटा गोपनीय रहेगा और इसका उपयोग अदालतों में या सरकारी फायदा हासिल करने के लिए नहीं किया जा सकता है.
खबर है कि दस राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अप्रैल में जनगणना का पहला चरण शुरू करने के लिए अधिसूचना जारी की है. 15 राज्य मई में शुरु करेंगे और 10 राज्य जून या उसके बाद शुरू करेंगे.
लिव-इन कपल्स को शादीशुदा माना जाएगा
सरकार की तरफ से जारी हुए FAQ के मुतब इक अगर कोई लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा जोड़ा अपने संबंध को स्थिर मानता है. तो उसे शादीशुदा जोड़े के रूप में दर्ज किया जाएगा. यह स्पष्टीकरण जनगणना के सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल पर दिए गए एक सवाल के जवाब में सामने आया है.
30 लाख कर्मियों की होगी तैनाती
जनगणना 2027 में करीब 30 लाख फील्ड कर्मचारी लगाए जाएंगे. इनमें एन्यूमरेटर, सुपरवाइजर, मास्टर ट्रेनर और कई तकनीकी कर्मचारी शामिल होंगे. यह जनगणना अब तक का सबसे बड़ा डिजिटल ऑपरेशन होगा. इस दौरान करीब 1.02 करोड़ मानव-दिन का रोजगार भी पैदा होगा. फील्ड में काम करने वाले सभी कर्मचारियों को उनके नियमित काम के अलावा यह अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी जाएगी और इसके लिए मानदेय भी तय किया गया है.
घर-घर जाकर होगा डिजिटल सर्वे
जनगणना करने वाले गणनाकार (एन्यूमरेटर), जो आमतौर पर सरकारी शिक्षक होते हैं. अपने टैबलेट या मोबाइल ऐप में घर-घर जाकर सभी जानकारी दर्ज करेंगे. हर घर का लोकेशन, सुविधाएं, परिवार के सदस्यों की शिक्षा, भाषा, धर्म, रोजगार, विकलांगता, प्रवासन और अन्य जरूरी विवरण रिकॉर्ड किए जाएंगे. ऐप में डाले जाने वाले डेटा की सुरक्षा के लिए विशेष तकनीकी फीचर जोड़े गए हैं. ताकि कोई डेटा लीक या गड़बड़ी न हो.
लोग खुद भी भर सकेंगे फॉर्म
सरकार इस बार लोगों को स्वयं-गणना यानी सेल्फ इन्यूमरेशन का विकल्प भी देगी. लोग मोबाइल एप या वेब पोर्टल के जरिए अपनी जानकारी खुद भी भर सकेंगे. इससे प्रक्रिया तेज होगी और सिस्टम का भार कम होगा. जिन लोगों के पास मोबाइल या इंटरनेट नहीं है. उनके लिए फील्ड कर्मचारी घर-घर जाकर डेटा दर्ज करेंगे.
अगर कोई व्यक्ति गलत जानकारी देता है या मदद नहीं करता है तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है. Census Act 1948 के तहत 1,000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है. इसलिए हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह सही और पूरी जानकारी दे.
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