सदन में रेडी टू ईट में भ्रष्टाचार की गूंज, अपात्र महिला स्वसहायता समूहों को देने का आरोप, मंत्री के जवाब में असंतुष्ट विपक्ष का वॉकआउट
Corruption in Ready to Eat scheme echoed in the House, allegation of giving it to ineligible women self-help groups, opposition walks out dissatisfied with the minister's reply
रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा में दुसरे दिन रेत का अवैध खनन और रेत माफियाओं द्वारा की जा रही गुंडागर्दी का मामला जोर शोर से गूंजा. विपक्ष ने इस विषय पर स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा कराने की मांग की. जिसे स्पीकर डॉ रमनसिंह ने अस्वीकार कर दिया. इससे असंतुष्ट होकर कांग्रेस विधायकों ने सदन की कार्यवाही से वॉकआउट कर दिया.
विधानसभा में शून्यकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत, भूपेश बघेल, द्वारकाधीश यादव, उमेश पटेल समेत अन्य कांग्रेस विधायकों ने इस मामले में स्थगन प्रस्ताव लाया. इन नेताओं ने कहा कि सरकार के संरक्षण में प्रदेश भर में रेत माफियाओं द्वारा अवैध खनन किया जा रहा है और उन्हें रोकने पर वह ग्रामीणों की पिटाई करते हैं और कहीं कहीं पर तो गोली चलाने से भी नहीं चूकते. थाने में शिकायत दर्ज कराने के बाद भी इन माफियाओं पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. क्योंकि इन्हें सत्ता में बैठे लोगों का ही संरक्षण है. ऐसे में छत्तीसगढ़ जैसे शांत प्रदेश में यू पी, बिहार जैसी स्थिति बन गई है. इसलिए इस महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा कराने की मांग विपक्ष ने की। स्पीकर ने सभी विपक्षी सदस्यों की बात सुनकर यह कहते हुए स्थगन प्रस्ताव खारिज कर दिया कि चूंकि यह विषय ध्यानाकर्षण में भी आया है इसलिए इस पर सदन में चर्चा नहीं की जा सकती. स्पीकर के फैसले से असंतुष्ट विपक्ष खड़े होकर सदन में नारेबाजी करते हुए बहिर्गमन कर अपनी नाराजगी जताई.
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विधानसभा में मंगलवार को रेडी टू ईट का मामला विपक्ष ने उठाते हुए सरकार को जमकर घेरा. इसके ठेके में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए विपक्ष ने सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया. इसके लिए दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग स्वीकार नहीं करने पर कांग्रेस विधायकों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया.
ध्यानाकर्षण सूचना के जरिए नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत ने कहा कि सरकार ने रेडी टू ईट योजना के संचालन में भारी गड़बड़ी की है. अपात्र महिला स्वसहायता समूहों को भी ठेका दे दिया गया है. जबकि पात्र समूहों को बाहर कर दिया गया है. इसके चयन समिति में शामिल अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग नेता प्रतिपक्ष ने की.
कांग्रेस सदस्य उमेश पटेल ने भी इसमें भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए डिफाल्टर महिला स्वसहायता समूहों को ठेका देने की जानकारी सदन में दी. उन्होंने इसके लिए दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग सरकार से की. विभागीय मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े इसमें किसी तरह की अनियमितता से इंकार करते हुए जांच के लिए तैयार नहीं हुई. इससे नाराज़ विपक्ष के सभी सदस्यों ने सदन की कार्यवाही से वॉकआउट कर दिया. वही वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने कमीशनखोरी के लिए 20 हजार माता, बहनों का रोजगार छीनकर ठेकेदार को दे दिया था. जिसे साय सरकार ने वापस माता बहनों को दे दिया है.
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