गरियाबंद में 60 लाख की चार KM PMGSY सड़क का चप्पल से हो रहा प्लास्टर!, पीडब्ल्यूडी विभाग के घटिया निर्माण से भड़के विधायक जनकराम ध्रुव
In Gariaband, a 4-kilometer PMGSY road worth 60 lakh rupees is being plastered with slippers! MLA Janak Ram Dhruv is enraged by the poor construction by the PWD department.
गरियाबंद : गरियाबंद जिला में देवभोग ब्लॉक के झाखरपारा से दिवानमुड़ा मार्ग पर पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा 65 लाख रुपये की लागत से कराए जा रहे सीसी सड़क निर्माण कार्य को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है.
गरियाबंद जिले के अंतर्गत 30 किलोमीटर की दूरी बिंद्रानवागढ़ से जाने वाली गांव सातधार महेंद्रगढ़ के प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत लगभग 4 किलोमीटर की दूरी सड़क को प्रशासकीय स्वीकृति 60 लाख बताई जा रही है. जहां पर सड़क निर्माण में गुणवत्ता ही सड़क का निर्माण किया गया है. जो जिसका निर्माण करीब 15 से 20 दिनों के अंतर्गत हुआ. और अब यह सड़के उखड़ने लगी है. क्योंकि विभागीय अनदेखी की वजह से यह सड़क के समय से पहले उखड़ने लगी है. जहां गुणवत्ता संबंधी समस्याएं कई मामलों में निर्माण मानकों का पालन नहीं हो रहा है. प्रधानमंत्री सड़कों पर निम्न-गुणवत्ता वाली सामग्री का उपयोग होता चला आ रहा है. जिससे सड़कें कुछ ही महीनों में टूट-फूट जाती हैं. क्योंकि खराब निर्माण गुणवत्ता, सामग्री की कमी और रखरखाव की कमी चिंता का विषय बना हुआ है.
ग्रामीणों ने दावा किया कि सड़क पर प्लास्टर का काम कथित तौर पर चप्पल से किया जा रहा था. जिसका वीडियो भी सामने आया है. इसे लेकर लोगों में भारी आक्रोश है और उन्होंने गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच की मांग की है.
शिकायत मिलते ही विधायक जनकराम ध्रुव मौके पर पहुंचे. और निर्माण कार्य का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया. उन्होंने कहा कि अगर अनियमितता पाई गई तो जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी योजनाओं को इस तरह से धरातल में पलीता लगाना कतई बर्दाश्त नहीं कि जाएगा.
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