आदिवासी महिला का सामुहिक बहिष्कार कर 10 हजार रुपए का लगाया जुर्माना, पीड़िता को मिला प्रशासन से इंसाफ, सरपंच ने मांगी माफी
A tribal woman was boycotted and fined Rs 10,000, the victim got justice from the administration, the sarpanch apologized
महासमुंद : ग्राम पंचायत नरसिंगपुर आश्रित गांव जर्रा “पीड़िता के द्वारा लगाए गए सरपंच पर गंभीर आरोप के बाद पीड़िता द्वारा की गई शिकायत” का बड़ा असर सामने आया है. इस मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई शुरु कर दी है.
मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम पंचायत नरसिंगपुर अंतर्गत ग्राम जर्रा की आदिवासी महिला सेमबाई सिदार ने सरपंच नवलीन मांझी पर गंभीर आरोप लगाए थे. पीड़िता का कहना है कि पंचायत बैठक में उसके खिलाफ गलत फैसला लेते हुए राशन-पानी बंद कर दिया गया और ग्रामवासियों को भी चेतावनी दी गयी है कि अगर कोई उससे बातचीत करेगा तो उसे 10 हजार रुपए का जुर्माना देना होगा. इस फरमान के बाद पीड़िता को सामुहिक बहिष्कार का दुख झेलना पड़ा.
आवेदन पर कार्रवाई करते हुए अनुविभागीय अधिकारी (रा.) पिथौरा ने नायब तहसीलदार, पिरदा को जांच का आदेश दिया था. जिस पर नायब तहसीलदार ललित सिंह ने पत्रकारों की मौजूदगी में सरपंच और ग्रामवासियो की बैठक कर ग्रामवासियो को समझाईश देकर और कानूनी जानकारी देते हुए नशामुक्ति के लिए प्रेरित किया और सभी ग्राम वासियों को संकल्पित कर ग्राम मे सौहार्दपूर्ण वातावरण मे समता और बंधुत्व कायम करने आपसी भाई चारा के साथ रहने अपील की. जिससे सभी ग्रामवासी एकमत हुए.
उन्होंने ग्राम पंचायत के सरपंच और ग्रामवासियो को साफ शब्दों में समझाया कि किसी भी व्यक्ति और परिवार को समाज या ग्राम से सामुहिक या सामाजिक बहिष्कार और दण्डित करना जुर्म है. कोई भी व्यक्ति महिला, पुरुष अवैध शराब बनाने और बेचने जैसे गैरकानूनी काम न करें. ऐसा पाए जाने पर आबकारी, पुलिस और उच्चाधिकारियों को खबर करें ताकि उन पर कार्यवाही किया जा सके.
सरपंच नवलीन मांझी ने कहा कि जो भी आरोप लगे हैं उसे सुलझा दिया है. समझौता हो गया है. मैं गांव के तरफ से ग्राम पंचायत के तरफ से समूह के तरफ से सेमबाई से माफी मांगती हूं. सेमबाई को गांव के साथ चलाऊंगी. और इस तरह का गलती कभी नहीं होगी.
इस दौरान नायब तहसीलदार ललित सिंह, पटवारी पुष्पेन्द्र पटेल, नरसिंहपुर सरपंच नवलीन माँझी, जगदीशपुर सरपंच पति मंशा नायक, रजनी बाघ उपसरपंच जर्रा, सुधीर कुँवर, पूर्व सरपंच जयंती पटेल, शत्रुघन मुटकिया, दृपलाल मलिक, पुष्पधर प्रधान, अनिता कुमारी, लक्ष्मी मलिक, लाल साहू, बसंती गहिर, अमरबाई, सेमबाई सिदार, जयन्ती सोना और ग्राम के सैकड़ों माताएं बहने मौजूद थी.
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