फर्जी एपीके फाइल से रहें सावधन, रायपुर पुलिस ने 5 राज्यों से 6 अंतरराज्यीय साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर भेजा सलाखों के पीछे

Beware of fake APK files, Raipur police arrested 6 interstate cyber criminals from 5 states and sent them behind bars.

फर्जी एपीके फाइल से रहें सावधन, रायपुर पुलिस ने 5 राज्यों से 6 अंतरराज्यीय साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर भेजा सलाखों के पीछे

रायपुर : फर्जी APK फाइल के द्वारा मोबाइल हैक कर धोखाधड़ी करने वाले 6 अंतरराज्यीय साइबर अपराधी दिल्ली, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और उत्तरप्रदेश से गिरफ्तार किए गए. ऑपरेशन साइबर शील्ड के अंतर्गत अंतरराज्यीय साइबर अपराधियों पर कार्रवाई की गई. देश भर में साइबर अपराधियों का नेटवर्क फैला है. गिरफ्तार आरोपियों द्वारा RTO E-चालान, इंश्योरेंस, PM किसान योजना, सभी बड़े बैंक, आयुष्मान कार्ड, PM आवास योजना आदि नाम से फर्जी .APK बनाए जाने के सबूत मिले हैं.
पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज शअमरेश मिश्रा के निर्देशानुसार वॉट्सएप में फर्जी .APK फाइल भेज मोबाइल हैक कर साइबर फ्रॉड करने वाले सभी आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है.
APK फाइल कैसे बनता है
धर्मजीत सिंह पिता विजय सिंह उम्र 18 साल पता पता लोना वाला पुणे महाराष्ट्र के द्वारा फर्जी APK (एंड्रॉइड पैकेज किट) को मेलेशियस कोड एम्बेड कर मोबाइल को हैक करने के मकसद से बनाया गया, जिसमें साइबर ठग नकली एंड्रॉइड ऐप का उपयोग कर लोगों की व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी चुराते थे. ये ऐप्स अक्सर विश्वसनीय संस्थानों जैसे सरकारी योजनाओं, बैंकों या बिजली बोर्डों के आधिकारिक ऐप के रुप में बनाये होते हैं.
सोशल मीडिया के माध्यम से एपीके फ़ाइल का विक्रय
फर्जी एपीके फ़ाइल तैयार हो जाने के बाद *धर्मजीत सिंह* ने  टेलीग्राम ग्रुप में लगभग 500 से ज्यादा लोगों को जोड़ कर विक्रय करने के लिए विभिन्न तरीकों का उपयोग करते हैं. जिसमें व्हाट्सअप ,टेलीग्राम ग्रुप। जिसे हैकरों के द्वारा पुनः विश्वसनीय संस्थानों जैसे सरकारी योजनाओं, बैंकों या बिजली बोर्डों के आधिकारिक ऐप के रुप में आमजन के whatsapp ग्रुप में प्रसारित किया जाता है. जिसे धोखे से क्लिक करने से डाउनलोड हो जाता है और इनस्टॉल करते ही मोबाइल हैक हो जाता है. मोबाइल के सभी जानकारी एवं कंट्रोल हैकर के पास चला जाता है. कंट्रोल मिलते ही हैकर पीड़ित के मोबाइल में दर्ज बैंकिंग जानकारी को प्राप्त कर राशी आहरण कर लेता है. इसके अलावा पीड़ित के कांटेक्ट लिस्ट से सभी को फर्जी APK डाउनलोड करने सम्बन्धी मैसेज चला जाता है. जिससे अन्य लोग भी इसके शिकार होकर बड़ी रकम गवां देते हैं.
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फण्ड फ्लो  साइबर अपराधियों सौरभ कुमार एवं आलोक के द्वारा मोबाइल हैक करने के बाद रकमको म्युल एकाउंट्स में लेकर चांद  मोहमद के जरिए  एटीएम
*इरफान अंसारी आसनसोल* के पास भेजकर राशि आहरित करा लिया जाता है.
आरोपियों ने प्रार्थीया अर्चना भदौरिया के WhatsApp में RTOechallan.apk फाइल और प्रार्थी महेश कुमार साहू के WhatsApp में PMkisanyojna.apk फाइल भेजा था. जिसे क्लिक करने से मोबाइल हैक कर क्रमशः दोनों प्रार्थियों से 5.12 लाख रुपए एवं 12 लाख की धोखाधड़ी की गई थी.
रिपोर्ट पर थाना टिकरापारा में अपराध क्रमांक 734/25 एवं थाना राखी में अपराध क्रमांक 132/25 धारा 318(4), 3(5) भारतीय न्याय संहिता दर्ज कर दोनों जुर्म की जांच रेंज साइबर थाना रायपुर द्वारा की जा रही है. जांच कार्यवाही में तकनीकी विश्लेषण कर सभी आरोपियों की पहचान की गई.
आरोपी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश के अलग-अलग स्थानों से घटना कारीत कर रहे थे. योजनाबद्ध तरीके से एक एक कर सभी स्थानों में रेड कार्यवाही कर आरोपी सौरव कुमार, आलोक कुमार, चांद बाबू, धर्मजीत सिंह, इमरान अंसारी और मारुफ अंसारी को गिरफ्तार किया गया.
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ एवं उनके मोबाइल के तकनीकी विश्लेषण से  RTO Eचालान, इंश्योरेंस, PM किसान योजना, बैंक, आयुष्मान कार्ड, PM आवास योजना, RTOchallan.apk, Customer_support.apk, ICICIBank.apk, PMkishan.apk, courierservice.apk, CSCservicejoin.apk, signed.apk, SBIcreditcard.apk, Pandaadmin.apk, Americancard.apk, Admin.apk, Fastag.apk, admin.apk, punjabnationlbank.apk, SBIyono.apk एपीके फाइल के जरिए धोखाधड़ी करने तथा इन फाइल को अन्य आरोपियों को बेचने संबंधी जानकारी मिली.
आरोपियों से पूछताछ और तकनीकी विश्लेषण से मिले तथ्य के मुताबिक अलग-अलग राज्यों में रेड कार्रवाई कर गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत पर भेजा गया. आरोपियों के व्यक्तिगत बैंक खाता में 2 लाख रुपए होल्ड कराए गए हैं और धोखाधड़ी से मिली कुछ रकम का निवेश आरोपियों ने खुद के मोबाइल दुकान में सामान भंडारण करने में खर्च किया गया है. उक्त रकम और बाकी रकम के बारे में जानकारी हासिल कर कार्यवाही की जा रही है.
गिरफ्तार आरोपी
1 सौरव कुमार उम्र 33 साल पता ग्राम अचारज, थाना बौसी, जिला बांका, बिहार, वर्तमान पता सेक्टर 102 सलारपुर खान क्लीनिक के पास वाली गली नोएडा
(अपराध में भूमिका- फर्जी कंपनी बनाकर बैंक खाता खुलवाने का कार्य, शिक्षा 12 वीं, ड्राइ फ्रूट सेल्समैन)
2 आलोक कुमार उम्र 25 साल पता ग्राम कोहडउल कोहौल पो0 बाजितपुर कोहौल थाना करपीत जिला अरवल बिहार, वर्तमान पता वीर कुंवर सिंह नगर छठ घाट के पास गली नंबर आठ नगलोई दिल्ली
(अपराध में भूमिका- म्यूल बैंक खाता संकलन कर अन्य आरोपियों को म्यूल अकाउंट बिक्री करना, शिक्षा 12 वीं, कार्य सेल्समैन)
3 चांद बाबू उम्र 32 साल पता शिवपुरी मध्य प्रदेश शिवपुर मध्यप्रदेश
(अपराध में भूमिका- ठगी से प्राप्त राशि को बैंक खाता से आहरण कर रकम उधर उधर करना, शिक्षा 12 वीं)
4 धर्मजीत सिंह उम्र 18 साल पता पता लोना वाला पुणे महाराष्ट्र
(अपराध में भूमिका- apk. फाइल बना कर अन्य लोगों को बिक्री करने वाला हैकर शिक्षा 12 वीं)
5 मोहम्मद इरफान अंसारी उम्र 23 साल पता पुराना स्टेशन थाना नार्थ आसनसोल पश्चिम बंगाल
(अपराध में भूमिका- .apk फाइल को पीड़ितों को व्हाट्सएप में भेजने का कार्य, शिक्षा 12 वीं, मोबाइल दुकान ओनर)
6 मारूफ सिद्दीकी अंसारी उम्र 20 साल पता रेहान बाग नियर मेस्को स्कूल, ठाणे महाराष्ट्र
(अपराध में भूमिका- म्यूल बैंक खाता संकलन कर अन्य आरोपियों को म्यूल अकाउंट बिक्री करना, शिक्षा 12 वीं, कार्य पैकर्स एंड मूवर्स)
बचाव के लिए जनता से अपील
• मोबाइल पर आये किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें न ही उसको डाउनलोड अथवा इनस्टॉल करें
• मोबाइल पर एंटीवायरस का इस्तेमाल करें
एप्लीकेशन को केवल गूगल प्ले स्टोर से ही डाउनलोड करें
ऐप अनुमतियों की जाँच करें: किसी भी ऐप को इंस्टॉल करते समय, ध्यान दें कि वह कौन सी अनुमतियाँ मांग रहा है। यदि कोई ऐप अनावश्यक अनुमतियाँ मांगता है, तो उसे इंस्टॉल न करें.
•एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर का उपयोग करें: अपने डिवाइस पर एक प्रतिष्ठित एंटीवायरस ऐप इंस्टॉल करें जो संदिग्ध फ़ाइलों और ऐप्स का पता लगा सके और उन्हें ब्लॉक कर सके.
•यदि किसी का मोबाइल हैक हो जाये तो तत्काल अपने सिम को मोबाइल से निकल दे और मोबाइल को फ्लाइट मोड पर कर दें.
•धोखाधड़ी की रिपोर्ट करें: अगर आप एपीके धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं. तो फौरन राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930/cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें.
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