राइस मिल हादसे में मजदूर की मौत पर बवाल, चक्काजाम, 50-50 लाख रुपए मुआवजे की मांग, इधर टूटकर गिरी चिमनी, श्रमिक की गई जान
Chaos erupts over the death of a worker in a rice mill accident, road blockade, and demand for compensation of 50 lakh rupees. A chimney collapses, killing a worker.
राजनांदगांव : राजनांदगांव जिले के चिचोला क्षेत्र में स्थित महाराजपुर में स्थित श्री जय गुरुदेव राइस मिल में शनिवार की रात हुए हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई. वहीं एक अन्य घायल हो गया. इसके बाद आज क्षेत्र के ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे में चक्काजाम करते हुए 50-50 लाख रुपए मुआवजे की मांग की. यह मामला चिचोला थाना क्षेत्र का है.
चिचोला स्थित गुरुदेव राइस मिल में शनिवार की शाम चावल स्टोर होने वाला टापर चावल सहित नीचे आ गिरा. इस दौरान नीचे मजदूर काम कर रहे थे. जिसमें ग्राम मोतीपुर निवासी मुकेश कंवर दब गया. जिससे उसकी मौत हो गई. वहीं चावल में एक अन्य मजदूर दब गया था जो गंभीर रुप से घायल हो गया.
राइस मिल प्रबंधन द्वारा मृतक और घायल व्यक्ति के परिजनों को कोई खबर नहीं दी गई. जिसके बाद पुलिस प्रशासन के जरिए खबर मिलने पर मोतीपुर ग्राम के सैकड़ो ग्रामीण राइस मिल पहुंचे और इसके सामने नेशनल हाईवे में चक्काजाम कर दिया.
ग्रामीणों द्वारा मृतक और घायल के परिजन को 50-50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग करते हुए चक्का जाम किया गया. इधर चक्का जाम करने से नेशनल हाईवे में वाहनों की लंबी कतार लग गई थी. मौके पर पहुंची पुलिस बल ने काफी समझाईश दी. लेकिन ग्रामीण नहीं हटे इसके बाद फैक्ट्री प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच बातचीत हुई और चक्का जाम हटाया गया. इस मामले में राजनांदगांव के एडिशनल एसपी राहुल देव शर्मा ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है.
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सिलतरा: शारडा एनर्जी फैक्ट्री में बड़ा हादसा, एक की मौत तीन गंभीर!
रायपुर : औद्योगिक क्षेत्र सिलतरा के फेस वन में स्थित शारडा एनर्जी फैक्ट्री में एक बार फिर हादसा हो गया. जिसमें तखतपुर निवासी एक श्रमिक की दर्दनाक मौत और तीन अन्य के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी मिली है.
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक घटना शनिवार शाम लगभग पांच बजे शारडा एनर्जी फैक्ट्री में सडडाउन में पावर प्लांट के पास काम चल रहा था तभी ब्लास्ट हुआ जिससे वहां काम कर रहे चार श्रमिक इसकी चपेट में आकर झुलस गए. इस घटना में कृष्णा पूरी गोस्वामी पिता सिद्धेश पूरी गोस्वामी निवासी आजाद पारा तखतपुर की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई. और तीन अन्य श्रमिक गंभीर रुप से झुलस गए जिन्हें रायपुर के ओम हॉस्पिटल में भर्ती किया गया.
औद्योगिक सुरक्षा पर सवालिया निशान
शारडा एनर्जी फैक्ट्री में हुई इस दर्दनाक घटना ने उद्योगों में औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं. श्रमिक की दर्दनाक मौत और तीन अन्य के झुलसने की घटना से पहला बड़ा सवाल तो यही कि क्या श्रमिक असुरक्षित रुप से खतरनाक जगह काम कर रहे थे? क्या श्रमिक पर्याप्त और ओरिजनल आईएसआई मार्क के सुरक्षा उपकरण धारण नहीं किए थे? जो घटना में एक की मौत और तीन गंभीर हुए यदि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम के साथ काम कर रहे थे तो मौत कैसे हुई? अगर बिना सुरक्षा के काम कर रहे थे तो उधोग प्रबंधन और औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग क्या कर रहा है ऐसे ही गंभीर सवालों के जवाब अब खोजने होंगे।
पूर्व में भी हो चुके इसी फेक्ट्री में हादसे
शारडा एनर्जी फैक्ट्री में हादसे कोई नई बात नहीं है. इसके पूर्व भी इस फैक्ट्री में हादसे हो चुके हैं. जो कि उधोग प्रबंधन को कटघरे में खड़ा करते हैं.
इसी साल अभी अगस्त महीने में यहां दर्दनाक हादसे में गिरौद निवासी एक श्रमिक की मौत की घटना हुई थी. और ग्रामीणों ने पूरे दिन फैक्ट्री के सामने धरना प्रदर्शन किया था लेकिन बाद में ऐसा समझौता हुआ कि न तो मृतक का पोस्टमार्टम हुआ न ही पुलिस में मामला दर्ज हुआ.
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