शाला कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री का विरोध, कार्यक्रम छोड़ लौटे श्याम बिहारी, कांग्रेस ने चेतावनी देकर कहा- लोकतंत्र के खिलाफ खतरनाक संकेत

Health Minister opposed in school program, Shyam Bihari left the program, Congress warned and said - dangerous signal against democracy

शाला कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री का विरोध, कार्यक्रम छोड़ लौटे श्याम बिहारी, कांग्रेस ने चेतावनी देकर कहा- लोकतंत्र के खिलाफ खतरनाक संकेत

गरियाबंद : गरियाबंद जिला में शाला प्रवेश उत्सव में उस वक्त सब कुछ स्क्रिप्ट के मुताबिक चल रहा था. जब तक कि जिला पंचायत सदस्य ममता सिंह ने माइक थामकर सीधे शिक्षा विभाग और प्रशासन की क्लास लेना शुरु नहीं कर दी. माइक मिला नहीं कि मंच पर शुरु हो गया हाई वोल्टेज ड्रामा.. जो किसी टीवी सीरियल से कम नहीं था.
देवाडांड़ के हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित शाला प्रवेश उत्सव उस समय सियासी रंग ले बैठा. मंच पर महिला जनप्रतिनिधि की नाराजगी और राजनीतिक आरोपों ने माहौल को तनावपूर्ण बना दिया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मंच पर बैठे ही थे कि विरोध शुरु हो गया. नाराज मंत्री कार्यक्रम को बीच में ही छोड़कर चले गए.
“निमंत्रण में नाम नहीं, यह अपमान है”— ममता सिंह
इस कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य ममता सिंह ने तीखे शब्दों में विरोध जताते हुए कहा कि उन्हें इस कार्यक्रम के लिए आमंत्रित नहीं किया गया. निमंत्रण पत्र में उनका नाम तक नहीं था. जबकि वे क्षेत्र की निर्वाचित प्रतिनिधि हैं. यह बात उन्होंने मंच से कहा कि क्या महिला होना निमंत्रण से बाहर होने की वजह है?
ममता सिंह ने इस कृत्य को आदिवासी समाज के सम्मान के साथ खिलवाड़ बताया. प्रशासन को चेतावनी दी कि आगे से ऐसा हुआ तो जनता खुद जवाब देगी. महिला जनप्रतिनिधि की नाराजगी और मंच पर बढ़ते आरोप-प्रत्यारोप के बीच स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल आहत नजर आए. उन्होंने कार्यक्रम के बाकी प्रोग्राम में हिस्सा नहीं लिया और मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मंच पर बैठे-बैठे ही तेजाब जैसी तीखी बातें सुनते-सुनते चुपचाप उठे और  बिना कोई प्रतिक्रिया दिए ही चप्पल पहनकर निकल लिए
घटनाक्रम पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने कहा कि “ममता सिंह को न बुलाना सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरे आदिवासी समाज और कांग्रेस पार्टी का अपमान है. प्रशासन भाजपा के दबाव में काम कर रहा है.”
उन्होंने आरोप लगाया कि यह सोची-समझी रणनीति है. जिसके जरिए कांग्रेस समर्थित निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को प्रशासनिक मंच से बाहर रखने की कोशिश की जा रही है. जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने कहा कि मता सिंह सिर्फ जनप्रतिनिधि नहीं, एक पूर्व सैनिक की पत्नी और गुरु की बहू भी हैं. ये अपमान पूरे समाज का अपमान है.
कांग्रेस ने दो टूक कहा कि अगर आगे से सरकारी कार्यक्रमों में कांग्रेस प्रतिनिधियों को आमंत्रित नहीं किया गया. तो वे ऐसे आयोजनों को रुकवा देंगे. पार्टी ने इसे लोकतंत्र के खिलाफ एक खतरनाक संकेत बताया.
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