मामूली विवाद पर पति ने पत्नी को उतारा मौत के घाट, टिकरा में फेंक दिया लाश, सबूत छुपाना पड़ा महंगा, आरोपी अमृत गिरफ्तार
Husband killed his wife over a minor dispute, threw the body in Tikra, hiding the evidence proved costly, accused Amrit arrested
गरियाबंद : गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड क्षेत्र से एक बड़ी खबर निकालकर सामने आई है. पति ने अपनी दूसरी नम्बर की पत्नी का हत्या कर उसके लाश को ठिकाने लगा दिया था. पुलिस द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए महज 24 घंटे के भीतर हत्या की गुत्थी को सुलझाते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया.
मिली जानकारी के मुताबिक तहसील मुख्यालय मैनपुर से महज 8 किलोमीटर दूर ग्राम झरियाबहरा में 2 दिन पहले बुधवार को तीन बच्चों की मां का लाश खेत बाड़ी में मिलने से सनसनी फैल गई थी. इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं क्षेत्र में सुनने को मिल रही थी. मैनपुर पुलिस घटना स्थल पर पहुंचकर शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया और इस मामले में बारीकी से जांच शुरु की गई. गरियाबंद पुलिस ने मामले में गंभीरता को देखते हुए जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर आज जेल भेजा गया.
आरोपी के मुताबिक 11 साल पहले अमृत यादव ने उषा बाई नागेश ग्राम पेण्ड्रा थाना शोभा को भगाकर शादी किया था. जिसके तरफ से मेरी बेटी उषा यादव के 2 लड़की 1 लड़का है. कई सालो तक दोनो के बीच पारीवारिक संबंध अच्छा था. लेकिन पिछले दो-तीन साल से से दोनों के बीच लडाई झगडा विवाद होने लगा.
आरोपी पति अमृत यादव अपनी पत्नी उषा के साथ पारीवारिक बातों को लेकर वाद विवाद, झगडा लडाई मारपीट करता रहता था और और 5 अगस्त को आरोपी अमृत यादव पहले थाना में अपनी पत्नी के गुम होने की सूचना दिया फिर अपनी पत्नी उषा यादव की हत्या कर दिया और किसी को शक ना हो इसलिए अपनी पत्नी की लाश को खेत बाड़ी में ले जाकर ठिकाने लगा दिया. आरोपी से पुलिस द्वारा कड़ी पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना जुर्म काबुल किया इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.
पीएम रिपोर्ट में मृतिका उषा बाई यादव की मृत्यु गला घोटे जाने से, दम घुटने और गर्दन का हड्डी टूटने से होना लेख किया गया. और मृतिका का शराब सेवन किया होना लेख है. मौत का प्रकार होमोसायडल लेख किया गया कि अपराध धारा 103(1) बीएनएस दर्ज कर जाँच में लिया गया.
इस मामले की जांच के दौरान आरोपी अमृत यादव से घटना के बारे में पूछताछ कर बयान लिया गया. उसने बताया कि मेरी पत्नि शराब पीने का आदि थी. इस बात को लेकर हम दोनों पति-पत्नी में अक्सर लड़ाई-झगड़ा होता रहता था. 5 अगस्त 2025 को मैं खाना खाकर काम पर गया था. तो मेरी बहन ने फोन कर बताया कि मेरे घर में पत्नी उषा बाई यादव नही है. बच्चे रो रहे हैं. तो मैं अपने पत्नी को खोजा तो नहीं मिली. बाद घर में जाकर देखा तो मेरी पत्नी शराब के नशे में थी. जो खटीया (चारपाई) में बैठी थी. जिसे कहां गई थी पुछने पर कुछ नही बोली. तो मैं गुस्से में हाथ से उसके कनपटे में जान से मारने की नियत से मारा. तो खटीया का खुरा उसके गर्दन में लगा और उसके मुह नाक से खून निकलने लगा. तो मै डर के मारे उसे छुपा दिया और रात होने का इंतजार करने लगा. रात होने पर मैने अपनी पत्नी उषा यादव के लाश को बरन डोंगरे के खेत में ले जाकर फेक दिया. और किसी को भी घटना के बारे में नहीं बताया.
बाद में कोई मुझ पर शक मत करे यह सोचकर मैं अपने ससुर नकूल राम नागेश ग्राम पेण्ड्रा के साथ थाना मैनपुर में आकर मेरी पत्नी बरन डोंगरे के खेत में मरी पड़ी है कहकर रिपोर्ट दर्ज कराया. आरोपी के खिलाफ पुख्ता सबूत पाये जाने से गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड में भेजा गया.
इस कार्यवाही में थाना मैनपुर के थाना प्रभारी निरीक्षक शिवशंकर हुर्रा,, सउिन नकूल सिंह सिदार, प्रधान आरक्षक.हरिश्चंद्र ध्रुव , आरक्षक कोमल धृतलहरे, प्रवीण वर्मा, जितेन्द्र परिहार , कमल मरकाम, राजेन्द्र गायकवाड़, मोती लाल भुआर्य व थाना मैनपुर के स्टाफ की सरहनीय भूमिका रही.
गिरफ्तार आरोपी
अमृत यादव पिता सुनील यादव उम्र 44 साल निवासी झरियाबहरा थाना मैनपुर
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