ऑनलाइन सिस्टम बन रहा परेशानी की वजह, महीनों बीत जाने के बाद भी धान नहीं बेच पा रहे किसान, दफ्तरों के चक्कर लगाने मजबूर

The online system is becoming a source of trouble; farmers are unable to sell their paddy even after months have passed and are forced to make repeated visits to government offices.

ऑनलाइन सिस्टम बन रहा परेशानी की वजह, महीनों बीत जाने के बाद भी धान नहीं बेच पा रहे किसान, दफ्तरों के चक्कर लगाने मजबूर

महासमुंद : महासमुंद जिले में समर्थन मूल्य की धान खरीदी के करीब डेढ़ महीने होने जा रहे हैं. लेकिन किसानों की समस्या खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. एक-एक, डेढ़-डेढ़ महीने से कलेक्टर जनदर्शन के चक्कर काट रहे हैं. किसान लेकिन किसानों की समस्या जस की तस ही बनी हुई है.
ताजा मामला महासमुंद जिले के ग्राम कांपा, अमावस, बेलटुकरी और बागबाहरा ब्लॉक के कुछ किसान पहुंचे हैं. किसानों का कहना है कि सभी कागजी कार्रवाई पूरी होने के बावजूद धान उपार्जन केंद्र में किसी का खसरा नहीं दिखा रहा है तो किसी का नाम ही नहीं आ रहा है. प्रशासनिक अधिकारी इसे सॉफ्टवेयर की समस्या बता रहे हैं.
वहीं किसानों का कहना है कि महीनों से पटवारी तहसीलदार, SDM और कलेक्टर कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं. लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिल रहा है. किसानों का कहना है कि पिछले साल जब हम धान इसे खसरे इसी रकबे से धान बेच चुके हैं. फिर इस साल यह समस्या समझ से परे हैं.
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