केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने दो संस्थानों का किया उद्घाटन, नारायणपुर दौरा अचानक रद्द, फोर्स कमांडरों से रायपुर में होगी बैठक

Union Home Minister Amit Shah inaugurated two institutions, Narayanpur tour suddenly cancelled, meeting with force commanders to be held in Raipur

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने दो संस्थानों का किया उद्घाटन, नारायणपुर दौरा अचानक रद्द, फोर्स कमांडरों से रायपुर में होगी बैठक

रायपुर : गृह मंत्री अमित शाह 22 और 23 जून को दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंचे. अमित शाह ने रायपुर में दो संस्थानों का उद्घाटन किया. जिस यूनिवर्सिटी कैम्पस की शुरुआत शाह कर रहे हैं. इसे भारत सरकार गुजरात में चलाती है. ये एक विश्वविद्यालय है जो फोरेंसिक विज्ञान, खोजी विज्ञान और अपराध विज्ञान में विशेषज्ञता (एक्सपर्ट) का कोर्स करवाता है.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का प्रस्तावित नारायणपुर दौरा रद्द कर दिया गया. अब वे नारायणपुर न जाकर रायपुर में ही फोर्स के कमांडरों से मुलाकात करेंगे. नारायणपुर जिले के इरकभट्टी स्थित बीएसएफ कैंप पहुंचने का कार्यक्रम तय था जहां वे माओवादी मोर्चे पर डटे वीर जवानों से मिलकर उनका उत्साहवर्धन करने वाले थे. अब यह मुलाकात रायपुर में ही संपन्न होगी जहां गृह मंत्री फोर्स के वरिष्ठ अधिकारियों से सीधे संवाद करेंगे और रणनीति की समीक्षा करेंगे.
बता दें कि बीजापुर में नक्सलियोंं ने आत्मसमर्पित नक्सली और एक ग्रामीण की बेरहमी से हत्या कर दी. घटना के बाद से इलाके में दहशत फैल गई है. मामला पामेड़ थाना अंतर्गत यमपुर सैंड्रा बोर गांव की है. यमपुर सैंड्रा बोर गांव में नक्सलियों ने बीती रात घटना को अंजाम दिया. पूर्व माओवादी वेको देवा व ग्रामीण समैया को मुखबिरी के शक में मौत के घाट उतार दिया.
नेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (NFSU) की स्थापना 2009 में हुई थी. यहां से पढ़कर स्टूडेंट फोरेंसिक वैज्ञानिक, फोरेंसिक विश्लेषक, फोरेंसिक मनोवैज्ञानिक बनकर अपना करियर संवार पाएंगे. अमित शाह रायपुर में सेंट्रल फोरेंसिक लैब का भी भूमिपूजन किया. ये छत्तीसगढ़ की अपने सबसे हाईटेक फोरेंसिक लैब होगी.
अमित शाह शाम 4.20 बजे से 6.20 बजे तक होटल मेफेयर में बैठक की. इसके बाद शाम 6.50 से 7.50 तक होटल मेफेयर में भी अलग अलग विभागों की बैठक की.
इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ के लिए क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम को आधुनिक और वैज्ञानिक बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक दिन है. एनएफएसयू के अस्थायी परिसर के साथ-साथ नवा रायपुर में स्थायी परिसर के लिए भूमि पूजन एवं केंद्रीय फॉरेंसिक साइंस लैब की स्थापना की भी शुरुआत की गई है. कुल 268 करोड़ रुपये की लागत से ये संस्थान विकसित किए जा रहे हैं.
अस्थायी परिसर में सत्र 2025-26 से बीएससी, एमएससी फॉरेंसिक साइंस, साइबर सिक्योरिटी, मनोविज्ञान, डिजिटल फॉरेंसिक एवं प्रोफेशनल डिप्लोमा कोर्सेस शुरु हो जाएंगे. करीब 180 छात्र पहले बैच में प्रवेश लेंगे.
इन संस्थानों के निर्माण से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे मध्य भारत को आधुनिक न्याय प्रणाली और अपराध जांच में सशक्त आधार मिलेगा. नई फॉरेंसिक टेक्नोलॉजी, जैसे डीएनए फिंगरप्रिंटिंग, एलएसडी साइंस, साइबर सिक्योरिटी, बायोटेक्नोलॉजी और डिजिटल फॉरेंसिक अब स्थानीय स्तर पर सुलभ होंगी. जिससे जाँच प्रक्रिया तेज और सटीक होगी. अब फॉरेंसिक जांच के लिए राजधानी या दिल्ली की जरुरी नहीं होगी. सारी जांच अटल नगर, नवा रायपुर में ही संभव होगी.
यह प्लेटफॉर्म छत्तीसगढ़ के युवाओं को स्टार्टअप कल्चर से जोड़ने, तकनीकी सहायता देने, फंडिंग मुहैया कराने और मार्केटिंग एवं अनुबंध जैसी प्रोफेशनल सेवाएं देने में सहायक होगा. उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे खुद उद्योगपति बनें. स्टार्टअप शुरू करें और राज्य के औद्योगिक विकास में भागीदार बनें. यह आई-हब, गुजरात के मॉडल पर आधारित है. और भविष्य में रायपुर से भी कई वैश्विक स्टार्टअप उभरने की संभावना है.
छत्तीसगढ़ में नई सरकार बनने के बाद 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर एमओयू हुए हैं. जिससे रोजगार, राजस्व और औद्योगिक संस्कृति को बल मिलेगा. उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और गृह मंत्री विजय शर्मा के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि इन दोनों ने नक्सल विरोधी अभियान को निर्णायक गति दी है. पहली बार ऐसा हुआ है कि वर्षा ऋतु में भी सुरक्षा बल सक्रिय हैं और नक्सलियों को चैन से रहने नहीं दे रहे. उन्होंने नक्सलियों से आत्मसमर्पण करने और छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में शामिल होने की अपील की.
एनएफएसयू का स्थायी परिसर तीन वर्षों में पूर्ण रूप से विकसित होगा. जिससे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए फॉरेंसिक क्षेत्र में करियर की असीम संभावनाएं खुलेंगी. उन्होंने भरोसा दिलाया कि मोदी सरकार के तहत एनएफएसयू से स्नातक करना रोजगार की गारंटी बनेगा. साथ ही देशभर में लागू हुए नए तीन आपराधिक कानूनों के संदर्भ में श्री शाह ने कहा कि इनका मकसद तीन वर्षों के भीतर न्याय सुनिश्चित करना, और विज्ञान आधारित साक्ष्यों पर आधारित आधुनिक आपराधिक न्याय प्रणाली की स्थापना करना है.
इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं अरुण साव, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, निदेशक आसूचना ब्यूरो तपन कुमार डेका, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, परिसर निदेशक एनएफएसयू गांधीनगर के प्रोफेसर डॉ एसओ जुनारे सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद थे.
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