सड़क, पुल, पुलिया, बिजली, पेयजल और स्वास्थ्य को लेकर ग्रामीणों भड़के, बोले- अब आंदोलन ही आखरी रास्ता, बच्चे पशु औषधालय मे पढ़ने मजबूर
Villagers expressed their anger over roads, bridges, culverts, electricity, drinking water and health, said- now agitation is the only option, children are forced to study in veterinary dispensary
गरियाबंद : गरियाबंद जिले के आदिवासी मैनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत जांगड़ा एवं पायलीखण्ड की धरती कीमती रत्न हीरा उगलती है. इस गांव की धरती के भीतर अकूत खनिज संपदा भरा हुआ है. बावजूद इसके यहां रहने वाले गांव के ग्रामीण मूलभूत बुनियादी सुविधाए जैसे सड़क, पुल पुलिया, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए आजादी के बाद से संघर्ष कर रहे हैं. अब ग्रामीणों का सब्र का बांध टूट रहा है. ग्रामीण एकबार फिर आंदोलन करने की रणनीति तैयार कर रहे हैं.
तहसील मुख्यालय मैनपुर से महज 38 किमी दूर मे बसा ग्राम पंचायत जांगड़ा की आबादी करीब 2500 के आसपास है और इसके आश्रित ग्राम पायलीखण्ड, कुर्रूभाठा, बरगांव, डूमरपड़ाव है. जहां विशेष पिछड़ी जनजाति आदिवासी भूंजिया के साथ साथ अन्य समाज के लोग निवास करते हैं. और यहां के ग्रामीणों ने करीब 15 साल पहले मूलभूत समस्याओं को लेकर नेशनल हाईवे 130 सी पर चक्काजाम किया था. तब अफसरो ने जल्द समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया था. और अफसरो के आश्वासन पर ग्रामीणों ने आंदोलन खत्म कर दिया था. लेकिन अब तक इन ग्रामो की न तो तस्वीर बदली और न ही यहां निवास करने वाले ग्रामीणों की तकदीर...
आपको यह जानकर ताज्जुब होगा कि ग्राम जांगड़ा पायलीखण्ड हीरा खदान के नाम से पूरे देश ही नहीं विश्व मे भी चर्चित है. यहां आस्टेलिया, यूरोप जैसे देशो से बड़े -बड़े वैज्ञानिक पहुंचकर हीरा खदान की सर्वे कर भारी तादाद मे हीरा अलेक्जेंडर और हीरा की जननी कैम्बर लाईट पाइप होने की पुष्टि की है और इस इलाके की धरती के नीचे अपार खनिज संपदा भरा हुआ है. लेकिन इस अमीर धरती के उपर निवास करने वाली गरीब जनता आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LNzck3m4z7w0Qys8cbPFkB
पेयजल के लिए झरिया का सहारा लेते, जल जीवन मिशन योजना मे भारी गड़बड़ी
ग्राम पंचायत जांगड़ा एवं आश्रित ग्राम पायलीखण्ड, बरगांव, कुर्रूभाठा, डुमरपड़ाव के ग्रामीणों को आज भी पीने के लिए शुध्द पेयजल नसीब नही हो पा रहा है. ग्रामीणों को नदी नाले मे झरिया खोदकर पानी की व्यवस्था करना पड़ता है. कहने को तो ग्राम जांगड़ा मे लाखो रुपए खर्च कर जल जीवन मिशन योजना के तहत पानी की टंकी का निर्माण किया गया है. लेकिन इस भीषण गर्मी मे भी लोगो को एक बूंद पानी नही मिला. जल जीवन मिशन योजना सिर्फ खोखला साबित हो रही है. गांव में जगह-जगह नल की टोटी लगायी है. लेकिन पानी नही निकल रहा है. कई बार ग्रामीण शिकायत कर थक चुके हैं. लेकिन न तो लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी पहुंचे और न ही कोई जनप्रतिनिधि.. जिसके कारण ग्रामीणों मे भारी आक्रोश है.
सड़क निर्माण कार्य बंद, बारिश मे मरीजो को खाट से सड़क और अस्पताल तक पहुंचाने मजबूरी
नेशनल हाईवे 130 सी डूमरपड़ाव से जांगड़ा तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क निर्माण कार्य दिसबंर 2024 में प्रारंभ किया गया लेकिन निर्माण कार्य पिछले छह माह से बंद है. ग्रामीणो ने कई बार सड़क निर्माण कार्य शुरु करने की मांग कर चुके हैं. लेकिन ग्रामीणों की इस समस्या की तरफ़ ध्यान नही दिया जा रहा है. बारिश के दिनो मे पुल पुलिया और पायलीखण्ड नदी मे बाढ़ आने की वजह से मरीजो को खाट और कांवर मे अस्पताल तक पहुंचाना पड़ता है. उपस्वास्थ्य केन्द्र है. लेकिन वहां नर्स की व्यवस्था ही नही है.
21 वीं सदी मे ग्रामीणों को लालटेन की रौशनी पर ज्यादा भरोसा नही पहुंची बिजली
ग्राम डूमरपड़ाव, जांगडा, पायलीखण्ड, बरगांव, कुर्रूभाठा के ग्रामीण आजादी के बाद से बिजली लगाने की मांग कर रहे हैं. लेकिन अब तक बिजली की रोशनी नही पहुंच पाई है. कहने को तो गांव मे सौर उर्जा लगाया गया है. लेकिन उसके कल पुर्जे और प्लेट बहुत पुराने होने की वजह से महज कुछ घंटे के बाद रात भर अंधेरा छा जाता है. उसके बाद ग्रामीणों को आज भी लालटेन की रौशनी के भरोसे रात गुजारना पड़ता है.
स्कूल भवन 20 साल से अधूरा बच्चे पशु औषधालय मे पढने मजबूर
ग्राम पंचायत जांगड़ा क्षेत्र में स्कूल भवन बेहद जर्जर हो गया है. यहां पायलीखण्ड और कुर्रूभाठा मे 2005 से स्कूल भवन का निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है. और तो और पिछले शिक्षा सत्र् मे नये स्कूल भवन के लिए लाखो रुपए मिला. जो अब तक पूरा नही हुआ. जिसकी वजह से जांगड़ा मे पशु औषधालय मे स्कूल का संचालन किया जा रहा है. बरगांव हाईस्कूल मे आहता और कई समस्या व्याप्त है.
विधायक सांसद और आला अफसर नही पहुंचते. ग्रामीणो मे भारी नाराजगी
ग्राम पंचायत जांगड़ा के सरपंच अरविन्द नेताम, उपसरपंच भानू सिन्हा एवं वरिष्ठ नागरिक जगबंधु सिन्हा, प्रेम कुमार, कुंजन, ललित राम, घांसीराम, रघुराम, कुबेर, रोहित, मधुराम, भुवन यादव, दल्लू, दौलत नागेश, नरसिंह चमारसिंह नेताम, लखीराम, गौतम और ग्रामीणो ने बताया हमारे क्षेत्र के धरती के नीचे खनिज संपदा हीरा का खदान है और इस अमीर धरती के उपर निवास करने वाले लोग परेशानियो से जूझ रहे हैं. आज तक बिन्द्रानवागढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक जनक ध्रुव और सांसद श्रीमती रुप कुमारी चौधरी और जिले के आला अफसर हमारे जांगड़ा पायलीखण्ड का दौरा नही किये हैं.
ग्रामीणो का मांग है कि सांसद विधायक आला अफसरो के आने से गांव की समस्या का समाधान होता है. ग्रामीणों ने कहा सैकड़ो बार आवेदन देकर थक चुके हैं. अब हम आंदोलन करने मजबूर होंगें. जिसकी सारी जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी.
ग्राम पंचायत जांगड़ा के सरपंच अरविन्द कुमार नेताम ने चर्चा मे बताया हमारे पंचायत क्षेत्र का प्रमुख मांग सड़क और बिजली का है यहां सांसद विधायक और आला अफसर नही आते हैं. जिसकी वजह से हमारी समस्याओं को सुनने वाला कोई नही है.
ग्राम पंचायत जांगड़ा के उपसरपंच भानू सिन्हा ने बताया हमारे क्षेत्र की धरती हीरा उगलती है पूरे देश और विश्व मे जाना जाता है. सड़क नही होने की वजह से बारिश के दिनो मे मरीजो को कांवर खाट मे अस्पताल तक ले जाना पड़ता है. स्कूल भवन अधूरा है. सरकार को चाहिए कि इस क्षेत्र की समस्या का समाधान किया जाए.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LNzck3m4z7w0Qys8cbPFkB



