राज्यपाल के वीआईपी ड्यूटी में जाने के दौरान अज्ञात वाहन ने मारी ठोकर, सड़क हादसे में ट्रैफिक पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल की मौत

While going on VIP duty of the Governor, he was hit by an unknown vehicle, Head Constable of Traffic Police died in a road accident

राज्यपाल के वीआईपी ड्यूटी में जाने के दौरान अज्ञात वाहन ने मारी ठोकर, सड़क हादसे में ट्रैफिक पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल की मौत

दुर्ग : दुर्ग जिले में बेमेतरा ट्रैफिक पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल दुष्यंत ठाकुर की सड़क हादसे में मौत हो गई. दुष्यंत बेमेतरा से बालोद राज्यपाल के आने पर वीआईपी ड्यूटी पर जा रहे थे. वे अपनी बुलेट से सोमवार शाम को निकले थे. जैसे ही नंदिनी थाना क्षेत्र के पास पहुंचे अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी और फरार हो गया. घायल को जुनवानी स्थित श्री शंकराचार्य अस्पताल ले जाया गया. वहां उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.
मिली जानकारी के मुताबिक मंगलवार बालोद जिले में राज्यपाल रामेन डेका का दौरा था. इसके चलते दुष्यंत ठाकुर की ड्यूटी एक दिन के लिए बालोद लगाई गई थी. प्रधान आरक्षक दुष्यंत अपनी बुलेट से सोमवार देर शाम ड्यूटी के लिए बेमेतरा से बालोद जाने के लिए निकले थे.
दुष्यंत ठाकुर जैसे ही ग्राम पंचायत रवलीडी के पास पहुंचे. सामने से आ रहे अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी. इससे बुलेट सहित दुष्यंत काफी दूर जा गिरे और उनको गहरी चोट आई. हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई. लोगों ने डायल 112 को फोन किया. नंदिनी थाना से एक टीम वहां पहुंची। टीम ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया. लेकिन उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया. अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
हादसे के बाद टक्कर मारने वाला वाहन चालक गाड़ी लेकर मौके से फरार हो गया. नंदिनी पुलिस ने अज्ञात वाहन और चालक के खिलाफ हिट एंड रन का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरु कर दी है. पुलिस गाड़ी और ड्राइवर का पता लगाने के लिए दुर्घटना स्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है.
बता दें कि कुछ दिन पहले ही छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका के सरगुजा प्रवास के दौरान मैनपाट के उल्टा पानी में उनकी सुरक्षा में लगे फॉलो वाहन की ठोकर से गंभीर रूप से घायल महिला सुन्नी मझवार पति नान साय मझवार उम्र 55 साल की अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी. मेडिकल कॉलेज अस्पताल में महिला की मौत के बाद हंगामा के हालात  बन गए. जिसके बाद जिला प्रशासन व पुलिस की भारी व्यवस्था लगा दी गई है. ताकि कोई विवाद की हालात ना बन सके.
परिजनों ने आरोप लगाया था कि मांझी समुदाय की मृतक महिला की मौत के बाद भी उसको आईसीयू से बाहर नहीं निकाला गया. इलाज के नाम पर उन्हें डेड बॉडी नहीं दी जा रही थी. और उनके साथ मेडिकल कॉलेज अस्पताल के चिकित्सकों ने दुर्व्यवहार किया है. चिकित्सकों ने उनके साथ ना सिर्फ दुर्व्यवहार किया बल्कि कागजात में दस्तख़त करने का दबाव भी बनाया गया और कहा गया कि पोस्टमार्टम करने के बाद चुपचाप अपने गांव डेडबॉडी को लेकर चलें जाएं. परिजन 10 लाख रुपए मुआवजा की मांग कर रहे हैं.
मृतिका अपने भाई की मौत के बाद उसके अंतिम संस्कार में ग्राम करमहा गई थी और अंतिम संस्कार में शामिल हो वापस पैदल लौट रही थी. तभी राज्यपाल की फॉलो गाड़ी की चपेट में आ गई. बताया जा रहा कि वाहन की रफ्तार तेज होने के चलते महिला बोनट में लटक करीब 20 मीटर तक चली गई.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/CvTzhhITF4mGrrt8ulk6CI