ट्रेन में छूटा 5 साल का बच्चा, नाराज होकर बाथरुम में छुप गया, डेढ़ घंटे के भीतर आरपीएफ ने बच्चे से बिछड़ी मां का कराया मिलन, परिजनों ने जताया आभार
A 5-year-old child was left in the train, got angry and hid in the bathroom, within one and a half hours RPF reunited the child with his separated mother, family expressed gratitude
राजनांदगांव : दुर्ग रेलवे स्टेशन से डोंगरगढ़ जाने के लिए गुम बालक आहिर राजपूत को पुलिस ने शकुसल उनके मां को सौंप दिया. बता दें सुबह करीब 9 बजे पुरी-अहमदाबाद एक्सप्रेस में 5 साल का बच्चा अपने परिवार से बिछड़ गया. जिसकी खबर राजनांदगांव रेलवे सुरक्षा बल को मिलने के बाद उसे ट्रेन में ढूंढ कर डेढ़ घंटे के भीतर ही उसके परिजनों से मिलाया गया.
दुर्ग रेलवे स्टेशन से डोंगरगढ़ जाने के लिए गुम बच्चा आहिर राजपूत अपने परिजनों के साथ पुरी- अहमदाबाद एक्सप्रेस में सवार हुआ. इस दौरान गलत ट्रेन में चढ़ने की वजह से टीसी ने उन्हें दुर्ग रेलवे स्टेशन में ही उतार दिया. तभी उनका बच्चा पुरी- अहमदाबाद एक्सप्रेस के बाथरुम में छूट गया और ट्रेन चल पड़ी. जिसके बाद परिजनों ने रेलवे पुलिस को बच्चे के छूटने की खबर दी. बच्चे की तलाश में फौरन हरकत में ही पुलिस ने राजनंदगांव आरपीएफ को बच्चे का फोटो भेजा.
इस दौरान ट्रेन के राजनांदगांव रेलवे स्टेशन पहुंचने पर आरपीएफ ने स्टेशन मैनेजर की मदद से गाड़ी को कुछ देर रेलवे स्टेशन पर रुकवाया और गुम बच्चे की तलाश की. तभी बच्चा उन्हें ट्रेन के भीतर ही मिला. जिसे राजनांदगांव रेलवे स्टेशन में उतरकर उसके परिजनों को खबर किया गया.
निरीक्षा के तरुण साहू ने बताया कि दुर्ग स्टेशन मास्टर के माध्यम से बच्चे के गुम होने की खबर मिली थी. जिसके मिलने के बाद परिजनों को खबर किया गया और परिजन के राजनांदगांव पहुंचने पर बच्चे को परिजनों के सुपूर्द किया गया.
बच्चे की मां चेत्राली राजपूत ने बताया कि उनका पूरा परिवार शिव महापुराण कथा के आयोजन स्थल पर रुद्राक्ष बेचने का काम करता है. राजनांदगांव जिले के हालेकोसा में आयोजित कार्यक्रम पर रुद्राक्ष बचने के लिए जा रहे थे. दुर्ग से उन्हें डोंगरगढ़ जाना था और इसके बाद यहां से वे हालेकोसा के लिए रवाना होते. जब वे ट्रेन में चढ़े तो किसी बात को लेकर उनका बेटा नाराज हो गया और अपनी शर्ट को फाड़ कर उतार दिया. इसके बाद वह बाथरुम चला गया था. जिससे वाह ट्रेन से नहीं उतर पाया.
राजनंदगांव में आहिर के मिलने के बाद आरपीएफ निरीक्षक तरुण साहू ने इंसानियत का पैगाम देते हुए बच्चे को नई शर्ट और पैंट मंगवा कर पहनाया. वहीं उसके लगातार रोने के चलते बिस्किट भी मंगाया. लेकिन बच्चे ने सिर्फ पानी पिया और खुद को कटनी का होना बताया. गुम हुए बालक को लेने पहुंची बालक की दादी और मां ने निरीक्षक तरुणा साहू की इस मानवीय दृष्टिकोण के लिए उनका आभार जाताया है और चंद घंटे के भीतर ही आरपीएफ की मदद से बालक के मिलने पर खुशी जाहिर की.
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