टॉयलेट ब्लास्ट मामला, 8वीं की छात्रा नहीं शिक्षिका थी असली टारगेट, बुआ के मोबाईल से ऑनलाइन मंगवाया विस्फोटक, चार नाबालिग स्टूडेंट्स गिरफ्तार
Toilet blast case, the real target was a teacher and not a class 8 student, explosives were ordered online from aunt's mobile, four minor students arrested
बिलासपुर : बिलासपुर जिले में स्कूल ब्लास्ट मामले में पुलिस ने चार स्टूडेंट्स को हिरासत में लिया है. जांच के दौरान सबूत मिलने के बाद आठवीं कक्षा के दो छात्र और दो छात्राओं को गिरफ्तार किया गया. पुलिस को यह भी पता चला कि ब्लास्ट का असली टारगेट चौथी कक्षा की छात्रा नहीं, बल्कि स्कूल की एक शिक्षिका थी. इस मामले के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई. घटना के बाद निजी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं.
शुरुआती जांच के मुताबिक आरोपी स्टूडेंट्स ने शिक्षिका को निशाना बनाने के लिए आठवीं के इन छात्रों ने 15 दिन पहले ही स्नैपडील एप से ऑनलाइन सोडियम मंगाया गया था. इसमें आठवीं के एक छात्र ने अपने बुआ के मोबाइल से इसका आर्डर किया था. पुलिस बुआ से भी पूछताछ कर रही है. हालांकि इस विस्फोट की चपेट में चौथी कक्षा की छात्रा स्तुति मिश्रा आ गई और बुरी तरह झुलस गई.
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आठवीं कक्षा की एक छात्रा ने अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर विस्फोटक को स्कूल के टॉयलेट में रखा था. इन स्टूडेंट्स का दावा था कि वे इसे सिर्फ शरारत के तौर पर कर रहे थे. लेकिन यह घटना इतनी गंभीर थी कि इसमें किसी की जान भी जा सकती थी.
पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 124 ए (ज्वलनशील पदार्थ का उपयोग कर किसी को आहत करना) के तहत जुर्म दर्ज किया है. इसके बाद जेजे एक्ट के तहत चारों आरोपी स्टूडेंट्स को हिरासत में लिया गया. जल्द ही उन्हें बाल न्यायालय में पेश किया जाएगा.
घटना शुक्रवार सुबह सेंट विंसेंट पलोटी स्कूल में हुई. जब परीक्षा के दौरान सुबह 10:15 बजे टॉयलेट में विस्फोट हुआ. इस दौरान चौथी कक्षा की छात्रा स्तुति मिश्रा (नाम बदला हुआ) बाथरुम गई थी. जहां विस्फोट में वह गंभीर रूप से घायल हो गई. शनिवार को घटना से नाराज अभिभावकों ने स्कूल में हंगामा किया. जिसके बाद स्कूल प्रबंधन ने छह स्टूडेंट्स को निष्कासित कर दिया.
सेंट विंसेंट पलोटी स्कूल के प्राचार्य सुमित बाखला के मुताबिक पांचों स्टूडेंट को स्कूल से निकाल दिया गया है. यह फैसला स्कूल प्रबंधन कमेटी ने लिया है. स्टूडेंट पर कानूनी कार्रवाई के बारे में फैसला पुलिस करेगी. स्कूल के फादर एस कुमार ने बताया कि फैसला पुलिस करेगी.
स्कूल के फादर एस कुमार ने बताया कि प्राथमिक पूछताछ में पता चला है कि स्कूल की कुछ छात्राएं पिछले तीन दिनों से सोडियम मेटल लेकर स्कूल आ रही थीं. वे इसे स्कूल के बाथरुम में रखकर शरारत करने की प्लानिंग कर रही थीं. इसके लिए तीन दिनों से तैयारियां की जा रही थीं.
हालांकि इस सवाल का वे काई जवाब नहीं दे सके कि स्कूल प्रबंधन को छात्राओं की इस शरारत की भनक तक क्यों नहीं लग सकी. फादर सिर्फ उचित कार्रवाई की बात करते रहे.
सबसे बड़ी बात कि इस खतरनाक सोडियम को आनलाइन मंगाकर यह स्टूडेंट उसे स्कूल में लेकर घूमते रहे और स्कूल प्रबंधन को जानकारी तक नहीं लगी. एक हफ्ते पहले भी स्कूल परिसर में इसी सोडियम से एक ब्लास्ट हुआ था. किसी को चोंट नहीं लगी तो प्रबंधन ने मामले को दबा दिया. हालांकि उस समय भी इन्ही पांचों स्टूडेंट का नाम सामने आया था.
प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी पी दासरथी ने बताया कि, मामले में जांच के लिए बनी टीम स्कूल पहुंची थी. स्कूल प्रबंधन के साथ ही शिक्षकों से बयान लिया गया है. जिन स्टूडेंट पर आरोप है उनसे और उनके अभिभावकों से भी लिखित में बयान लिया गया है. सोमवार को एक बार फिर स्कूल पहुंचकर जांच करते हुए रिपोर्ट सौंपी जाएगी.
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