छत्तीसगढ़ में 1 अक्टूबर से बंद होंगी सभी राशन दुकानें!, जानिए वजह, 20 साल पुराने वाहन का अब करवा सकेंगे रजिस्ट्रेशन, नया नियम लागू
All ration shops in Chhattisgarh will be closed from October 1st, find out the reason; vehicles older than 20 years can now be registered, a new rule will be implemented.
रायपुर : अब 20 साल से ज्यादा पुराने दोपहिया, कार और मालवाहक वाहन मालिकों को अपने वाहनों को जबरन स्क्रैप करने की जरुरत नहीं होगी. ऐसे पुराने वाहन फिर से पंजीकरण (Re-Registration) करवा सकते हैं और कानूनी तौर पर सड़क पर चल सकते हैं.
वाहन मालिकों को अपने पुराने वाहनों के लिए दो गुना पंजीकरण शुल्क जमा करना होगा. इसके साथ ही वाहन की फिटनेस जांच जरुरी होगी. जिससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वाहन सुरक्षित और सड़कों के लिए उपयुक्त है. इसके अलावा प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) भी जरुरी होगा. पुनः पंजीकरण होने के बाद ही वाहन सड़क पर वैध रुप से चल सकेगा.
छत्तीसगढ़ में 15 साल से ज्यादा पुराने वाहनों की तादाद करीब 24 लाख है. जिनमें दोपहिया, तीनपहिया, कार और छोटे वाहन शामिल हैं. इनमें से करीब 2 लाख वाहन ऐसे हैं.जो अब अस्तित्व में नहीं हैं और ब्लैकलिस्टेड घोषित किए गए हैं. अकेले रायपुर जिले में ही 3,88,717 वाहन पंजीकृत हैं. जिनमें मोटरसाइकिल और स्कूटर 3,09,094, मoped 32,031, कार 47,464 और ओमनी बस 128 वाहन शामिल हैं. अब तक इन वाहनों में करीब 25% ने पुनः पंजीकरण कराया है. जबकि बाकी के खिलाफ पुलिस ने चालानी कार्रवाई शुरु कर दी है.
दोपहिया वाहन (15-20 साल पुराने) के लिए 1,000 से 2,000 रुपये तक शुल्क।
तीनपहिया वाहन के लिए 2,500 से 5,000 रुपये।
कारों के लिए 5,000 से 10,000 रुपये।
ट्रक और बसों के लिए 18,000 से 24,000 रुपये तक शुल्क।
इस कदम से केंद्र और राज्य सरकार को राजस्व के तीनहरे स्रोत प्राप्त होंगे. इसके अलावा पुराने वाहन स्क्रैप करने पर नई गाड़ी खरीदने पर 5% की छूट मिलेगी. साथ ही रोड टैक्स में 15 से 25% तक की छूट भी उपलब्ध होगी. नई गाड़ी खरीदने पर 18% GST का फायदा भी सरकार को मिलेगा.
छत्तीसगढ़ के अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर ने बताया कि केंद्र सरकार 15-20 साल पुराने वाहनों के पंजीकरण शुल्क से संबंधित एक मसौदा नियम बना रही है. इस मसौदे में सभी मिली आपत्तियों को ध्यान में रखकर आख़री फैसला लिया जाएगा. राज्य स्तर पर भी इस दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं. ताकि पुराने वाहनों की तादाद कंट्रोल की जा सके और सड़क सुरक्षा बेहतर हो.
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छत्तीसगढ़ में 1 अक्टूबर से बंद होंगी सभी राशन दुकानें
रायपुर : छत्तीसगढ़ में राशन वितरण व्यवस्था संभालने वाले शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालकों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. सालों से लंबित मांगों और कमीशन में बढ़ोतरी को लेकर वे अब आंदोलन के रास्ते पर उतर आए हैं. एक अक्टूबर से पूरे प्रदेश की राशन दुकानें अनिश्चितकाल के लिए बंद रहेंगी और पांच अक्टूबर को चारामा से रायपुर तक 125 किलोमीटर की पदयात्रा कर मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर छह सूत्रीय मांगों को लेकर विरोध जताया जाएगा.
छत्तीसगढ़ शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालक/विक्रेता कल्याण संघ का कहना है कि वे लंबे समय से सरकार की महत्वाकांक्षी पीडीएस योजना को निष्ठा से संचालित करते आ रहे हैं. लेकिन सालों से कमीशन की दरें बढ़ाने, मासिक मानदेय तय करने और वितरण में लगने वाले खर्चों की भरपाई जैसे मुद्दों को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई.
विक्रेताओं की प्रमुख मांग है कि खाद्यान्न पर कमीशन को 90 और 30 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर सीधे 300 रुपये किया जाए. और सेवा सहकारी समिति के विक्रेताओं को 30,000 रुपये मासिक मानदेय दिया जाए.
संगठन ने आरोप लगाया है कि राशन वितरण में वजन की कमी (हैंडिंग लॉस), वेंडिंग मशीन की स्टैंपिंग फीस, ई-पॉस मशीन के संचालन, और वित्तीय प्रोत्साहन राशि जैसी कई व्यावहारिक समस्याएं हैं. जिन पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया. खास बात यह है कि 2022 से बढ़ा हुआ NFSA कमीशन भी अब तक विक्रेताओं को नहीं मिला है.
इन्हीं छह सूत्रीय मांगों को लेकर विक्रेता अब चरणबद्ध आंदोलन के तहत पहले दुकानें बंद करेंगे और फिर पदयात्रा कर रायपुर पहुंचकर सरकार से सीधे संवाद करेंगे. इन्ही सब मांगो को संगठन के पदाधिकारी और सदस्यों ने अपनी मांगो को लेकर और होने वाले पदयात्रा की जानकारी देने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौपे है.
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