नहर मरम्मत के नाम पर फर्जीवाड़ा, फिर दस्तावेज गायब, फर्जी मूल्यांकन करने से इंकार करने पर तकनिकी सहायक को कर दिया बर्खास्त!

Fraud in the name of canal repair, then documents disappear, technical assistant dismissed for refusing to do fake assessment!

नहर मरम्मत के नाम पर फर्जीवाड़ा, फिर दस्तावेज गायब, फर्जी मूल्यांकन करने से इंकार करने पर तकनिकी सहायक को कर दिया बर्खास्त!

गरियाबंद/फिंगेश्वर : फर्जी जांच रिपोर्ट बनाने से इंकार करने पर जनपद पंचायत मैनपुर के SBM शाखा प्रभारी कमलेश ध्रुव को वर्ष 2024 में बर्खास्त कर दिया गया. जिसके बाद वर्ष  2024 में बर्खास्त हो चुके कमलेश ध्रुव का वर्ष  2025 में फर्जी हस्ताक्षर कर फर्जी  जांच रिपोर्ट बनाया गया और उक्त फर्जी जांच रिपोर्ट को जनपद पंचायत मैनपुर के सीईओ ने जिला पंचायत गरियाबंद और कलेक्टर को पेश कर दिया है.  जल संसाधन उप संभाग फिंगेश्वर में नहरों की मरम्मत के नाम गबन व भ्रष्टाचार की शिकायत उच्च अधिकारियों सहित पुलिस विभाग में भी की गई है.
मिली जानकारी के मुताबिक फिंगेश्वर वितरक शाखा नहर के टेल एरिया की 9 माईनर नहरों को 50 से ज्यादा स्थानों पर क्षतिग्रस्त बताया गया. इन नहरों से 10 के करीब गांवों, रोबा, भसेरा, पसौद, सिर्रिकला आदि को सिंचाई सुविधा मिलती रही है. विभागीय दावे के मुताबिक 1600 मीटर से ज्यादा माप में मरम्मत कार्य किया गया. 4 हजार 600 सौ प्लास्टिक की बोरियों में रेत भरकर क्षतिग्रस्त स्थलों की मरम्मत की गई और इस काम के लिए कोरबा के ठेकेदार विजय कुमार और एक अन्य फर्म इंडियन इंफ्रा बिल्ड को 4.46 लाख रु का भुगतान कर दिया गया. मजे की बात ये है कि ये कार्य वित्तीय वर्ष 2025 की समाप्ति के पहले फरवरी माह के अंतिम सप्ताह में कर दिया गया.
इधर फिंगेश्वर के किसान यादराम जो पहले विभाग में कार्यरत रहे. उन्हें गोलमाल का अंदेशा हुआ. उन्होंने सूचना का अधिकार से जानकारी प्राप्त की और देखा कि मरम्मत के नाम केवल कागजी खानापूर्ति की गई है. उन्हें नहर में ना कहीं टूट फुट नजर आई ना ही मरम्मत के निशान?
गायब दस्तावेजों को लेकर अनुविभागीय अधिकारी जल संसाधन उप संभाग फिंगेश्वर व्ही व्ही मलैय्या द्वारा कलेक्टर गरियाबंद से पत्राचार किया गया है. उन्होंने 8 सितम्बर 2025 कलेक्टर को प्रेषित अपने कार्यालयीन पत्र में विभागीय ई.ई.एस.के.बर्मन पर दस्तावेज गायब कराने का आरोप लगाया है. उन्होंने साफ लिखा है कि शिकायत स्थान फिंगेश्वर वितरक शाखा CH 1380 से 1570 के मध्य एवं लघु नहरों की मरम्मत एवं रखरखाव से संबंधित दस्तावेज एस.के.बर्मन द्वारा गायब करवा दिये गये है. अब जांच समिति को निष्पक्ष जांच साथ ही प्रभावित किसानों को घटना स्थल के निरीक्षण के लिये दस्तावेजों की जरुरत है. जिसे उपलब्ध कराया जाए.
29 सितम्बर 2025 को एक दूसरे पत्र में एसडीओ मलैय्या ने कलेक्टर से संयुक्त जांच टीम का प्रतिवेदन और कार्यालय पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रस्तुत शिकायती दस्तावेजों के साथ साथ जल्द कार्यवाही की मांग की है. समय सीमा में दस्तावेज उपलब्ध नही कराये जाने की सूरत में उन्होंने अदालत के शरण में जाने की चेतावनी भी दी है.
जनपद पंचायत मैनपुर के SBM  शाखा प्रभारी कमलेश ध्रुव पर फर्जी जांच रिपोर्ट बनाने के लिए भारी दबाव डाला गया और ग्राम पंचायत खजूरपदर – SBM – 4,00,000  प्रकरण का फर्जी जांच रिपोर्ट बनाकर जिला पंचायत भेजने को बोला गया लेकिन जांच अधिकारी एवं SBM शाखा प्रभारी कमलेश ध्रुव ने फर्जी जांच रिपोर्ट बनाने से इंकार कर दिया.
फर्जी जांच रिपोर्ट बनाने से इंकार करने पर जांच अधिकारी और SBM शाखा प्रभारी कमलेश ध्रुव को बर्खास्त कर हटा दिया गया और उनके स्थान पर ईश्वर साहू को SBM शाखा प्रभारी बनाया गया. जिसके बाद बर्खास्त हो चुके कमलेश ध्रुव का वर्ष  2025 में फर्जी दस्तखत कर फर्जी  जांच रिपोर्ट बनाया गया और 29 जनवरी 2025 को जिला पंचायत गरियाबंद को भेज दिया गया.| SBM  शाखा प्रभारी कमलेश ध्रुव से पूछने पर उनके द्वारा दस्तखत नहीं करना और जांच रिपोर्ट नहीं बनाना बताया है जिसे साफ है कि फर्जी दस्तखत कर फर्जी जांच रिपोर्ट बनाया गया है.
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