सोशल मीडिया से ऑपरेट हो रहा ऑनलाइन सट्टा, किराए के मकान में चल रहा स्पोर्ट्स बेटिंग, व्हाट्सएप-इंस्टाग्राम से दे रहे आईडी, 7 सटोरिए गिरफ्तार
Online betting operating through social media, sports betting being conducted in rented accommodation, providing IDs via WhatsApp and Instagram, 7 bookies arrested
दुर्ग : दुर्ग जिले में ऑनलाइन सट्टा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जामुल पुलिस ने संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने मौके से सात आरोपितों को गिरफ्तार किया है जो आधुनिक तकनीक और इंटरनेट मीडिया के जरिये करोड़ों रुपये का अवैध कारोबार कर रहे थे. पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि प्रतिदिन तीन लाख से लेकर सात लाख रुपये तक के लेन-देन एवं करोड़ों रुपये के अवैध कारोबार का संचालन होना पाया गया है.
किराए के मकान से चल रहा था नेटवर्क
मिली जानकारी के मुताबिक जामुल पुलिस को जामुल थाना क्षेत्र अंतर्गत नालंदा स्कूल के पीछे सुंदर विहार कॉलोनी फेस-2 स्थित एक किराए के मकान में संगठित ऑनलाइन सट्टा गिरोह के संचालन की खबर मिली. इस खबर पर पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी, जहां आरोपितों को ऑनलाइन सट्टा संचालन करते हुए पकड़ा। जांच में पाया गया कि आरोपितों द्वारा ड्रैगन टाइगर, अंदर-बाहर, तीन पत्ती, टेनिस, फुटबॉल एवं रूलेट जैसे खेलों पर ऑनलाइन सट्टा संचालित किया जा रहा था.
इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के जरिए बिछाया जाल
ग्राहकों को इंस्टाग्राम एवं व्हाट्सएप के जरिए जोड़कर आईडी उपलब्ध कराई जाती थी और मोबाइल एवं लैपटॉप के जरिए सट्टा खिलाया जाता था. इस मामले में पोषण निषाद (26) अंजोरा, योगेश कुमार विश्वकर्मा (22) जलेबी चौक छावनी, गौरव तिवारी (26) कबीर नगर रायपुर, संजय कुमार जायसवाल (26) कैंप-1 जलेबी चौक, चुनेश निषाद (20) श्याम नगर छावनी, विक्रम सिंह उर्फ विक्की (30) न्यू बसंत टाकीज़ के पास थाना छावनी और उदल हमणे (19) न्यू बसंत टाकीज़ के पास थाना छावनी को गिरफ्तार किया गया.
बीएनएस और जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज
इस मामले में आरोपियों के खिलाफ धारा 318(4) बीएनएस एवं 6, 7, 8 छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 के तहत जुर्म दर्ज कर मामला जांच में लिया गया है. शुरुआती जांच में रोजाना तीन लाख रुपये से लेकर सात लाख तक के लेन-देन और करोड़ों रुपये के अवैध कारोबार का संचालन होना पाया गया है. पुलिस अब इस गिरोह के मुख्य सरगना और अन्य संपर्कों की तलाश में जुट गई है.
म्यूल खातों के माध्यम से लेन-देन छिपाने का प्रयास
पुलिस ने बताया कि गिरोह द्वारा कई सिम कार्ड और म्यूल बैंक खातों के जरिए अवैध लेन-देन को छिपाने का प्रयास किया जाता था. गिरोह में कार्यों का स्पष्ट विभाजन था और तकनीकी रुप से बाहरी व्यक्तियों द्वारा भी संचालन नियंत्रित किया जाता था. पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से एक लाख नगद रकम, सात बैंक पासबुक, 16 मोबाइल फोन, 15 एटीएम कार्ड, एक लैपटॉप, वाई-फाई उपकरण, लेन-देन संबंधी रजिस्टर और एक पासपोर्ट की जब्ती बनाई है.
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