दूध का दाम बढ़ा, देवभोग ब्रांड का फैसला, कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट, पेट्रोल, डीजल और एटीएफ पर निर्यात शुल्क की नई दरें 1 जून से लागू

Milk prices increased, Devbhog brand decision, crude oil prices fell, new export duty rates on petrol, diesel and ATF came into effect from June 1.

दूध का दाम बढ़ा, देवभोग ब्रांड का फैसला, कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट, पेट्रोल, डीजल और एटीएफ पर निर्यात शुल्क की नई दरें 1 जून से लागू

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव करीब 104 डॉलर प्रति बैरल से घटकर करीब 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है. अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम अवधि बढ़ने और समुद्री आपूर्ति मार्गों में संभावित स्थिरता के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव कम हुआ है.
11 दिनों में पेट्रोल करीब 7.35 रुपये प्रति लीटर और डीजल करीब 7.82 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ. डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर खाद्यान्न, फल-सब्जियों, निर्माण सामग्री, दवाइयों और रोजमर्रा के इस्तेमाल की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ता है. परिवहन लागत बढ़ने से महंगाई का दबाव पूरे सप्लाई चेन में दिखाई देता है और इसका बोझ अंततः उपभोक्ताओं को उठाना पड़ता है.
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में जारी अस्थिरता और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अब केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों पर लगने वाले निर्यात शुल्क में कटौती का फैसला किया है. 1 जून 2026 से पेट्रोल, डीजल और एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) पर संशोधित निर्यात शुल्क लागू किया जाएगा.
पेट्रोल के निर्यात पर 1.5 रुपये प्रति लीटर, डीजल पर 13.5 रुपये प्रति लीटर और एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) पर 9.5 रुपये प्रति लीटर निर्यात शुल्क लगाया जाएगा. पेट्रोल और एटीएफ पर यह शुल्क विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एसएईडी) के रूप में वसूला जाएगा. जबकि रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस (आरआईसी) लागू नहीं होगा.
इस फैसले का घरेलू उपभोक्ताओं पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा. देश में आम लोगों को मिलने वाले पेट्रोल और डीजल की मौजूदा कर व्यवस्था में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है. यह संशोधन सिर्फ निर्यात किए जाने वाले पेट्रोलियम उत्पादों पर लागू होगा.
दरअसल, सरकार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों पर लगातार नजर बनाए हुए है. इसी के तहत हर पखवाड़े (15 दिन) में पेट्रोल, डीजल और एटीएफ पर लगने वाले निर्यात शुल्क की समीक्षा की जाती है. वैश्विक बाजार में औसत कीमतों और मांग-आपूर्ति की स्थिति को ध्यान में रखते हुए नई दरें तय की जाती हैं.
गौरतलब है कि पेट्रोल, डीजल और एटीएफ के निर्यात पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एसएईडी) और रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस (आरआईसी) के रूप में निर्यात शुल्क पहली बार 27 मार्च 2026 को लागू किया गया था. उस समय सरकार ने कहा था कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हो रहे हैं और पेट्रोलियम उत्पादों के बढ़ते निर्यात को नियंत्रित कर घरेलू बाजार में पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करना आवश्यक है.
इससे पहले निर्यात शुल्क में अंतिम संशोधन 16 मई 2026 को किया गया था. अब 1 जून से लागू होने वाली नई दरें अगले पखवाड़े तक प्रभावी रहेंगी. सरकार ने संकेत दिया है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों के अनुसार भविष्य में भी शुल्क दरों की समीक्षा और आवश्यक संशोधन किए जाते रहेंगे.
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दूध का दाम बढ़ा, देवभोग ब्रांड का फैसला
रायपुर : छत्तीसगढ़ के उपभोक्ताओं के लिए दूध से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है. राज्य में देवभोग ब्रांड के दूध की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है. नई दरें लागू होने के बाद अब ग्राहकों को दूध खरीदने के लिए पहले की तुलना में ज्यादा रकम चुकानी पड़ेगी.
नई कीमतों के मुताबिक देवभोग दूध के 500 मिलीलीटर पैक की कीमत में 1 रुपये की वृद्धि की गई है. अब यह पैक 29 रुपये की जगह 30 रुपये में उपलब्ध होगा. वहीं 1 लीटर पैक की कीमत भी 57 रुपये से बढ़ाकर 58 रुपये कर दी गई है.
गौरतलब है कि बाजार में कई निजी डेयरी कंपनियां पहले ही दूध के दाम बढ़ा चुकी हैं. ऐसे में देवभोग की तरफ से भी कीमतों में संशोधन किए जाने के बाद उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ने की संभावना है. दूध रोजमर्रा की जरूरत की वस्तु है और बड़ी संख्या में परिवार इसका नियमित उपयोग करते हैं. ऐसे में कीमतों में हुई यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर आम लोगों के मासिक बजट को प्रभावित कर सकती है.
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